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सुप्रीम कोर्ट से उत्तराखंड के लिए बड़ी खबर, 25 अक्टूबर को गरमाएगी सियासत !

Jul 10 2017 5:21PM, Writer:कपिल

उत्तराखंड की राजनीति से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन के दौरान बागी विधायकों को विधानसभा से बर्खास्त करने के केस में देश की सर्वोच्च अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। बागी विधायकों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में कहा गया था कि विधानसभा स्पीकर के पास विधायकों को बर्खास्‍त करने का किसी भी तरह का अधिकार नहीं है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फाइनल सुनवाई की गई। बागी विधायकों की तरफ से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। अदालत ने इस केस को स्‍थगित कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस पर आखिरी सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी। बागी विधायकों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि विधानसभा स्पीकर के पास राष्ट्रपति शासन के दौरान विधानसभा बुलाने और उसे बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की तरफ से कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखा। इसके साथ ही अन्य विधायकों की तरफ से भी सिंघवी ने पक्ष रखा। अब आपको ये भी बता देते हैं कि आखिर ये पूरा मामला क्या है। बीते साल यानी 2016 में उत्तराखंड कांग्रेस सरकार के बागी विधायकों ने बीजेपी नेता विजय बुहुगुणा के नेतृत्व में विधानसभा बर्खास्त करने के मामले को संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया था। विधानसभा स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के द्वारा बागी विधायकों को बर्खास्त किया गया था। बागी विधायकों का कहना था कि गोविंद सिंह कुंजवाल अपने अधिकारों का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही बागियों ने कहा था कि अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने पर गोविंद सिंह कुंजवाल को सजा भी मिलनी चाहिए।

इससे पहले नैनीताल हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को सही ठहराया था। इसके बाद बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने इन तमाम विधायकों की सदस्यता दल-बदल कानून के तहत रद्द कर डाली थी। उस वक्त विधानसभा अध्यक्ष के इस फैसले को बागी विधायकों ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। नैनीताल हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी थी। इसके बाद अपना फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख दिया था। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने इसे फिलहाल स्थगित कर दिया है। अब देखना है कि 25 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में क्या नई बात निकलकर सामने आती है। इतना जरूर है कि इस मामले ने उत्तराखंड की राजनीति में गदर मचा था। आपको बता दें कि हाई कोर्ट ने बागी विधायकों को विश्वासमत में हिस्सा लेने से मना कर दिया था। जिसके बाद विश्वासमत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जीत गए थे।




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