image: A stone increase peoples curiosity

देवभूमि में चमत्कार, गंगा नदी में ‘रामसेतु’ जैसा पत्थर, जिसने देखा वो हैरान रह गया !

Jul 10 2017 7:45PM, Writer:सौरभ

देवभूमि वैसे तो चमत्कारों की धरती है। कलयुग में आपको इस धरती पर ऐसे कई चमत्कार दिखेंगे। अब आपको हरिद्वार की ही एक बात बता देते हैं। यकीन मानिए इस खबर के बारे में पढ़कर आप भी हैरान रह जाएंगे। गंगा नदी में एक पत्थर मिला है, जो कौतूहल का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि ये पत्थर नदी के पानी में नहीं डूब रहा है बल्कि तैर रहा है। इस खबर को सुनते ही श्रद्धालुओं ने इसकी पूजा अर्चना करना शुरू कर दिया है। जो भी इस पत्थर के बारे में सुन रहा है, एक बार इसे देखने के लिए दौड़ रहा है। यहां तक कि ग्रामीण तो इस पत्थर को चमत्कार मान कर पूजा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस पत्थर का वजन करीब दो किलो है। इसके साथ ही इसकी लंबाई 12 इंच बताई जा रही है। हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक के गाजीवाली गांव के किनारे से गंगा नदी गुजरती है। यहां ग्रामीण हर दिन गंगा में स्नान के लिए जाते हैं। इस बीच 5 जुलाई को एक अजीब सी घटना हुई।

गाजीवाली के रहने वाले राजू रोजाना की तरह गंगा में नहाने जा रहे थे। इस बीच राजू को गंगा नदी में एक पथ्र दिखा। ये पत्थर तेज बहाव में बह रहा था। इसके बाद राजू ने थोड़ी हिम्मत की और इस पत्थर को पकड़ लिया । इसके बाद राजू ने इस पत्थर को गंगा में डुबोया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पत्थर नदी में डूबने के बजाय फिर से ऊपर आ गया। एक बार फिर से राजू ने कोशिश की लेकिन पत्थर डूबने के बजाय नदी में तैरने लगा। राजू इस पत्थर को अपने साथ घर ले गया। इसके बाद राजू ने घर में एक बर्तन में पानी डाला और उसमें इस पत्थर को डाला। राजू ने दावा किया है कि ये पत्थर वहां भी नहीं डूबा। इसके बाद राजू ने इस बात की जानकारी अपने गांव वालों को भी दी। जैसे ही गांववालों को इस बात के बारे में पता चला तो इसे देखने वालों का तांता लग गया। अब ग्रामीण इस पत्थर को चमत्कारी पत्थर मान रहे हैं और इसकी पूजा अर्चना कर रहे हैं।

इसके साथ ही कांगड़ी, श्यामपुर, बाहरपीली और सज्जनपुर के ग्रामीण भी अब इस पत्थर को देखने के लिए उमड़ रहे हैं। यहां तक कि किसी ने इस पत्थर को त्रेतायुग के रामसेतु में इस्तेमाल होने वाला पत्थर कह दिया। लोगों का कहना है कि उन्होंने आज तक इस तरह का पत्थर अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा। लोग फूलमालाओं के साथ इस पत्थर को धूप और अगरबत्ती चढ़ा रहे हैं। हालांकि इस पत्थर का असली राज क्या है ये तो रिसर्च के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इतना जरूर है कि लोग अभी से ही इसे चमत्कारी पत्थर मान रहे हैं। खैर आप किसी निष्कर्ष पर निकलें इससे पहले हम आपको ये बता दें कि इस पत्थर पर जल्द ही वैज्ञानिक रिसर्च कर सकते हैं। हो सकता है कि कुछ भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से ये पत्थर पानी में नहीं डूब रहा हो। आगे इसे लेकर रिसर्च क्या कहेगी, इस बारे में हम आपको जरूर बताएंगे। ये बात भी सच है कि देवभूमि में जगह जगह आपको चमत्कार दिखेंगे।


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