बिपिन रावत की हुंकार, अमरनाथ का भयानक इंतकाम लिया जाएगा, डोभाल भी लगे !
Jul 11 2017 9:01PM, Writer:Shantanu
अमरनाथ यात्रा के दौरान अनंतनाग में श्रद्धालुओं पर हुए हमले का बदला लेने की रणनीति पर काम शुरू हो गया है। दिल्ली में एक हाई लेवल बैठक में इस पर मुहर लगी। खास बात ये है कि ऑपरेशन बदला के लिए जिन दो लोगों को जिम्मेदारी दी गई है वो पहाड़ों के बारे में बाखूबी जानते हैं। एक के पास काउंटर टेररिज्म का दशकों का अनुभव है। जो पाकिस्तान में अंडरकवर रह कर जासूसी कर चुका है। जिसे इंडियन जेम्स बॉन्ड कहा जाता है। दूसरे के एक इशारे पर दुनिया की सबसे खतरनाक फौज दुश्मनों का नामो निशान मिटा सकती है। बात कर रहे हैं अजीत डोभाल और सेना प्रमुख बिपिन रावत के बारे में। अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए इन दोनों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इनके दिमाग से बचकर आतंकी कहां जाएंगे।
अमरनाथ यात्रियों की बस पर अनंतनाग में हमला हुआ था। इस आतंकी हमले में 7 यात्री मारे गए थे। ये वो जख्म है जो बिना बदला लिए भरने वाला नहीं है। अमरनाथ जैसी पवित्र यात्रा के दौरान आतंकियों ने हमला करके अपनी मौत को दावत दी है। जाहिर सी बात है कि केंद्र सरकार पर जनता का दबाव बढ़ता जा रहा है। बदला लेने की मांग चारों तरफ से हो रही है। जनता की आवाज को नजरअंदाज करना पीएम मोदी के लिए भारी पड़ सकता है। यही कारण है कि दिल्ली में हाई लेवल बैठक में बदला लेने की रणनीति पर काम किया गया। इस बैठक में जो सबसे पहला फैसला किया गया वो ये था कि आतंकियों को किसी भी कीमत पर मार गिराया जाए। इसके लिए सेना प्रमुख बिपिन रावत और अजीत डोभाल को जिम्मेदारी दी गई है। सेना प्रमुख बिपिन रावत तो जम्मू कश्मीर पहुंच भी चुके हैं।
वहीं दूसरी तरफ अजीत डोभाल परदे के पीछे रहकर काम करने में यकीन करते हैं। वो सामने नहीं आते हैं बस उनकी रणनीतियों का असर दिखाई देता है। वो तमाम खुफिया जानकारियों जुटाने में लग गए हैं। जिनके आधार पर आतंकियों को पकड़ा जा सके। इसी के साथ इस हमले के तार पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं। हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी आतंकी इस्माइल है। डोभाल इस्माइल को पकड़कर एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान को नंगा करने की रणनीति बना रहे हैं। इन दोनों पहाड़ी योद्धाओं से आतंकी नहीं बच पाएंगे। बिपिन रावत और डोभाल के इस मिशन पर लगने की खबर के बाद ही देश के लोगों में भरोसा पैदा हुआ है कि सरकार वाकई गंभीर है, इन दोनों के काम करने के तरीके के बारे में देश को पता है। दोनों ही आक्रामक होने के साथ साथ दिमाग का भी भरपूर इस्तेमाल करते हैं।