पहाड़ की एक बच्ची ने सीएम त्रिवेंद्र रावत को किया फोन, इसके बाद हुआ बड़ा एक्शन
Jul 17 2017 7:31PM, Writer:रवि
पहाड़ की एक बेटी ने बेझिझक सीएम त्रिवेंद्र रावत को फोन कर डाला। दरअसल ये बेटी अपने स्कूल में टीचर्स की कमी से बेहद परेशान थी। छात्रा ने सीधे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को फोन कर डाला। इसके बाद सीएम त्रिवेंद्र रावत ने बच्ची की शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया। तत्काल प्रभाव से शिक्षा सचिव को अध्यापकों की नियुक्ति के लिए आदेश दिया गया। अब आपको बताते हैं कि ये छात्रा कहां की रहने वाली है। इस छात्रा का नाम है गायत्री कठैत। गायत्री चमोली जिले के घाट विकासखंड के तहत आने वाले राजकीय इंटर कॉलेज कांडई-माखणी की छात्रा है। शनिवार की देर रात गायत्री ने सीएम के विशेष कार्याधिकारी जेसी खुल्बे के फोन नंबर पर कॉल किया। इसके बाद छात्रा ने सीएम त्रिवेंद्र से ही बात करने की इच्छा जताई। सीएम त्रिवेंद्र को जैसे ही ये बात पता चली, उन्होंने छात्रा से सीधे बात की। इसके बाद जो हुआ उसके लिए आप सीएम और छात्रा दोनों की ही दाद देंगे।
छात्रा ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को बताया कि किस तरह से उसे स्कूल में टीचर्स की कमी है। इस वजह से बार बार स्कूल में पढ़ाई बाधित हो रही है। छात्रा गायत्री ने कहा कि इस वजह से स्कूल में कई छात्रों का भविष्य बर्बाद होने की कगार पर है। इसके बाद सीएम त्रिवेंद्र रावत ने छात्रा की बात को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने शिक्षा सचिव को तत्काल ही स्कूल में शिक्षक नियुक्त करने के आदेश दिए। इसके साथ ही सीएम त्रिवेंद्र ने गायत्री कठैत को इस काम के लिए बधाई भी दी। इसके साथ ही उन्होंने गायत्री को भविष्य में ऐसे काम करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। इतना जरूर है कि हाथ पर हाथ रखकर बैठने वालों के लिए ये खबर प्रेरणा बन सकती है। जब तक आप किसी काम की पहल खुद नहीं करेंगे तो वो काम नहीं हो पाता। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने फेसबुक और ट्विटर अकाउंट पर भी गायत्री कठैत की तारीफ की है। उनका कहना है कि शिक्षा के लिए हर किसी का सजग होना काफी जरूरी है।
सीएम त्रिवेंद्र ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा है कि ‘शिक्षकों की कमी शिक्षा में बाधा नहीं बनेगी। टीचरों की कमी पर एक छात्रा की शिकायत को गंभीरता से लिया और सम्बंधित विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।’ इसके साथ ही उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर भी गायत्री कठैत का धन्यवाद दिया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि उत्तराखंड में ‘चलता है’ बोलकर कन्नी काटने वाले अधिकारी अब नहीं चलेंगे। सीएम त्रिवेंद्र ने इससे पहले लिखा है कि उन्होंने गायत्री से बात की और गायत्री ने उन्हें अपने स्कूल में शिक्षकों की कमी के बारे में जानकारी दी है। कुल मिलाकर कहें तो छात्रा ने खुद एक पहल की और इसका नतीजा ये है कि छात्रा के स्कूल में अब अध्यापकों की कमी नहीं होगी। सीएम का कहना है कि गायत्री की तरह की ऐसे कामों के लिए तमाम लोगों को आगे बढ़ना चाहिए। एक फोन कॉल किस तरह से आपकी जिंदगी बदल सकता है, ये बात उसका जीता-जागता प्रमाण है।