उत्तराखंड को योगी आदित्यनाथ का बड़ा तोहफा, आखिरकार रंग लाई CM त्रिवेंद्र की मेहनत !
Jul 19 2017 8:12PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि परिसंपत्तियों के विवाद को लेकर निपटारे की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। दोनों राज्यों के आलाधिकारियों के बीच एक बैठक हुई। केंद्र सरकार ने इसमें मध्यस्थता की है। इस बैठक में 6 सालों से उत्तर प्रदेश से अटकी पड़ी पेंशन का मामला आखिरकार सुलझ गया है। खबर है कि उत्तराखंड को अब 31 मार्च, 2017 तक यूपी से करीब 2933.13 करोड़ के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। बताया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ, सीएम त्रिवेंद्र रावत और केंद्र सरकार ने इस मसले पर काफी बातचीत की थी। अब विपक्ष के उन आरोपों को भी जवाब मिल गया है कि, जिसमें कहा जा रहा था कि उत्तर प्रदेश के साथ परिसंपत्तियों के मसले में उत्तराखंड बैकफुट पर है। आपको बता दें कि परिसंपत्तियों का मसला काफी वक्त से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच अटका पड़ा था।
उत्तर प्रदेश की ओर से लगातार इस मुद्दे पर अड़ंगा लगाया जा रहा था। इसके साथ ही उत्तराखंड में ये मुद्दा लगातार सियासी रंग ले रहा था। इससे पहेल कांग्रेस ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था। अब केंद्र की पहल के बाद राज्य सरकार को राहत मिली है। पेंशन दायित्वों के विभाजन के केस कई सालों से लंबित चल रहे थे। उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार ने इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय से कार्रवाई की बात कही थी। योगी आदित्यनाथ भी ये बात अच्छी तरह से जानते थे कि उत्तराखंड के लिए ये काफी जरूरी है। खुद योगी आदित्यनाथ भी उत्तराखंड के ही रहने वाले हैं। ऐसे में अपनी मातृभूमि के लिए उनका भी दिल धड़कता है। पिछली 10 जुलाई को गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव की पहल पर दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में ही साफ किया गया कि पेंशन दायित्व के भुगतान को लेकर कट ऑफ डेट तय नहीं हो सकती।
इस मीटिंग में ये भी तय हुआ है कि उत्तर प्रदेश पेंशन की 2933.13 करोड़ रकम का भुगतान उत्तराखंड को करेगा। इसके तहत आने वाले वक्त में वित्त विभाग की ओर से पेंशन की लंबित राशि की मांग यूपी सरकार से की जाएगी। इस फैसले के बाद से राज्य सरकार की खुशी का ठिकाना नहीं है। इस पहल के कामयाब होते ही बीजेपी के पास कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार का मौका मिल गया है। कुल मिलाकर कहें तो अब पेंशन की बड़ी धनराशि मिलने से देवभूमि को बड़ी राहत मिलेगी। खास बात ये है कि विपक्ष के आरोपों के जवाब देने में बीजेपी फ्रंटफुट पर आएगी। कांग्रेस लगातार कई वक्त से मुखर हो रही थी और इस मामले पर सरकार को घेरने का काम कर रही थी। अब आखिरकार योगी आदित्यनाथ की तरफ से इस मामले में हरी झंडी दी जा चुकी है, जो कि उत्तराखंड सरकार की पहल पर कामयाबी की मुहर लगा रहा है।