उत्तराखंड के हर गांव के लिए अच्छी खबर, CM त्रिवेंद्र लाए हैं ‘डिजिटल’ तोहफा!
Jul 20 2017 11:05AM, Writer:रोहिणी
उत्तराखंड के लिए आज की अच्छी खबर सामने आ गई है। राज्य की 7853 ग्राम पंचायतों के लिए त्रिवेंद्र सरकार तोहफा लाई है। बताया जा रहा है कि त्रिवेंद्र सरकार हर ग्राम पंचायत को एक कंप्यूटर देगी। इसके लिए हर ग्राम पंचायत को बकायदा 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। उत्तराखंड में 7853 ग्राम पंचायतें हैं, इसका मतलब ये हुआ कि सभी ग्राम पंचायतों को कंप्यूटर देने के लिए सरकार को करीब 39.29 करोड़ रुपये देने पड़ेंगे। इसके साथ ही सभी ग्राम पंचायतों को अपने कंप्यूटर में ई-पंचायत सॉफ्टवेयर हर हाल में लागू करना पड़ेगा। दरअसल राज्य वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हर ग्राम पंचायत को कंप्यूटर दिया जाना है। इसके साथ ही हर कंप्यूटर में ई-पंचायत सॉफ्टवेयर भई इंस्टॉल करना है। इस बीच आयोग की सिफारिश पर राज्य मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी है। कुल मिलाकर कहें तो अब उत्तराखँड सरकार आयोग के मुताबिक काम करने जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस काम को शुरू भी कर दिया गया है। जाहिर सी बात है कि राज्य की हर ग्राम पंचायत में जब कंप्यूटर लगेगा और ई-पंचायत सॉफ्टवेयर लागू किया जाएगा तो कामकाज में आसानी होगी। इतना तो साफ है कि कामकाज में बदलाव होना तय है। अभी ग्राम पंचायतों में कामकाज मैनुअल तरीके से किया जा रहा है। एक तरफ केंद्र सरकार डिजिटलाइजेशन की तरफ आगे बढ़ रही है और उसी तर्ज पर उत्तराखंड कीत्रिवेंद्र सरकार ने भी बड़ा काम किया है। पंचायतों को भी इस दिशा में लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है, हालांकि इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है। कंप्यूटरीकरण होने से पंचायतों में परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों और निर्माण कार्यों समेत कई कार्यों का ब्यौरा दुरुस्त रहेगा। अब आपको बताते हैं कि 50 हजार रुपये में क्या क्या मिलेगा। कंप्यूटर, यूपीएस, प्रिंटर, सीपीयू और सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन के लिए ये रुपये दिए जा रहे हैं।
हालांकि इस सामग्री की खरीद के लिए इतनी धनराशि को अपर्याप्त कहा जा रहा है। इसके बाद भी सरकार ने इसके लिए एक विकल्प दिया है। सरकार का कहना है कि पंचायतें बाकी धनराशि की व्यवस्था राज्य वित्त आयोग या फिर चौदहवें वित्त आयोग से मिली धनराशि से कर सकती हैं। आयोग ने राज्य सभी ग्राम पंचायतों में ई-पंचायत सॉफ्टवेयर लागू करने की पैरवी की है। इस पर हर साल 6.54 करोड़ खर्चा आना है। इस बाते को देखते हुए आयोग ने पंचायतों के कंप्यूटरीकरण के लिए हर साल इस धनराशि को बतौर अनुदान देने की सिफारिश भी की है। इस सिफारिश के मुताबिक ही राज्य सरकार पंचायतों को ये सॉफ्टवेयर देगी। कुल मिलाकर कहें तो फिलहाल उत्तराखंड की तमाम ग्राम पंचायतों के लिए ये एक शानदार खबर है। तमाम लोग कह रहे हैं कि डिजिटलाइजेशन होने से उत्तराखंड का विकास होगा । अब देखना है कि आगे क्या होता है।