उत्तराखंड की दो बेटियां तैयार, आज देश को वर्ल्ड कप दिलाना है, शुभकामनाएं दें !
Jul 23 2017 9:06AM, Writer:प्रगति
उत्तराखंड की दो बेटियां एक बार फिर से तैयार हैं। कहां जा रहा है कि फाइनल मुकाबले में एकता बिष्ट और मानसी जोशी को प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिलेगा। अब तक मिली जानकारियां कहती हैं कि एकता बिष्ट को पूनम यादव की जगह मौका दिया जा सकता है। वहीं मानसी जोशी को भी इस मैच में चांस मिलने की उम्मीद है। महिला क्रिकेट टीम भारत को विश्व विजेता बनाने के लिए तैयार है। अगर इन दोनों बेटियों को इस बार प्लेइंग इलेवन में चांस मिला तो ऐसा पहली बार होगा कि उत्तराखंड की दो बेटियां महिला विश्व कप के फाइनल में खेल रही हों। इस वक्त टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार चल रहा है। सेमीफआइनल मुकाबले में ही इस टीम ने साबित कर दिया कि चैंपियन की तरह खेलना किसे कहते हैं। महिला क्रिकेट में भारत को विश्व विजेता बनाने के लिए देश की बेटियां आज लॉर्ड्स के मैदान में इंग्लैंड से दो-दो हाथ कर सकती है। इस टीम में मौका मिलने पर उत्तराखंड की बेटियां भी कमाल दिखाएंगी।
अल्मोड़ा की रहने वाली स्पिन गेंदबाज एकता बिष्ट और टिहरी की रहने वाली मानसी जोशी इस मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मानसी जोशी का टूर्नामेंट में प्रदर्शन भले ही औसत रहा हो लेकिन, एकता बिष्ट ने चिर प्रतिद्वंद्वी पकिस्तान के खिलाफ यादगार प्रदर्शन किया था। कपाकिस्तान के खिलाफ एकता ने 18 रन देकर पांच विकेट लिए थे। इसके साथ ही एकता ने अपने इरादे भी साफ कर दिए थे, कि इस बार वर्ल्ड कप में वो कैसा खेल दिखाएंगे। इसके साथ ही एकता गेंद के साथ बल्ले से भी कमाल करती हैं। 12 साल बाद भारतीय टीम महिला विश्वकप के फाइनल में पहुंची है। इंग्लैंड की सरजमीं पर 1983 के बाद वर्ल्ड कप के फाइनल में तिरंगा लहराया जाएगा। खेल प्रेमियों के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। आपको याद होगा कि इससे पहले इसी मैदान पर साल 1983 में कपिल देव की अगुवाई में भारत ने पहला वर्लड कप अपने नाम किया था। अब एक बार फिर से टीम इंडिया के पास शानदार मौका है।
कपिल देव की तरह लार्ड्स की बालकनी में मिताली राज की टीम वर्ल्डकप ट्रॉफी के साथ खड़ी नजर आएगी। सेमीफाइनल में 6 बार की विश्व विजेता ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद टीम के हौसले भी बुलंद हैं। लीग मैच में इंग्लैंड के खिलाफ एकता बिष्ट ने शानदार प्रदर्शन किया था। एकता ने नौ ओवर में 43 रन दिए थे। इस गेंदबाजी की बदौलत इंग्लैंड की टीम सिर्फ 246 रन बना पाई थी और ये मैच भारत ने 35 रन से जीत लिया था। इसके साथ ही एकता के पहले क्रिकेट कोच लियाकत अली का मानना है कि भारतीय टीम में पूनम यादव की जगह एकता को फाइनल में मौका देना चाहिए। इंग्लैंड की टीम स्पिनर्स के खिलाफ ज्यादा सही तरीके से खेल नहीं पाती है। ऐसे में एकता टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकती हैं। कुल मिलाकर कहें तो इस मैच में उत्तराखंड की दो बेटियों को मौका मिल सकता है। पहाड़ियों के लिए वैसे भी एक बात कही जाती है कि मौका मिलते ही पहाड़ी चौका मारते हैं। अब देखना है कि आगे क्या होता है।