सेना प्रमुख बिपिन रावत की अनोखी रणनीति, जमीन के अंदर से ड्रैगन को घेरेगा भारत !
Jul 24 2017 9:23PM, Writer:Shantanu
सेना प्रमुख बिपिन रावत ने चीन और पाकिस्तान के खतरे को देखते हुए सेना को तैयार रहने के लिए कहा है। साथ ही ये संकेत भी दिए जा रहे हैं कि चीन की धमकियों से भारत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। बता दें कि हाल के दिनों में भारत-चीन रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। चीनी सेना ने तो भारत को खुली धमकी दी है। डोकलाम में भारत की सेना को हटाने की बात की है। ये भी कहा है कि पहाड़ हटाया जा सकता है लेकिन चीनी सेना को नहीं हटाया जा सकता है। ड्रैगन की तरफ से लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र सरकार ने नॉर्थ-ईस्ट में सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है। खास तौर पर अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा तक पहुंचने के लिए सरकार ने सुरंग बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रदेश सरकार से जमीन भी मांगी है।
एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक चीन सीमा तक बनने वाली ये सुरंग दो लेन की होगी। इस सुरंग के निर्माण के बाद 13,700 फीट ऊंचे सेला दर्रे का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। इसका फायदा स्थानीय लोगों के साथ साथ सेना को भी मिलेगा। पहाड़ी मार्ग से यात्रा नहीं कपनी पड़ेगी और दूरी केवल 7 किलोमीटर रह जाएगी। इस सुरंग के लिए सड़क सुरक्षा संगठन ने अरुणाचल सरकार से जमीन मांगी है। इस प्रोजेक्ट को लेकर संगठन के कमांडर आरएस राव ने वेस्टर्न कामेंग के डिप्टी कमिश्नर से भी मुलाकात की। जानकारी दे दें कि फिलहाल लोगों को तिब्बत सीमा तक पहुंचने के लिए गुवाहाटी से भालुकपोंग से तवांग तक 496 किमी का सफर करना पड़ता है। ये काफी लंबा सफर हो जाता है। सुरंग के निर्माण के बाद ये सफर कम होगा और समय की भी बचत होगी।
इस योजना के तहत 475 मीटर और 1.79 किमी की सुरंग बनाई जाएगी। ये सुरंग 11,000 फीट और 12,000 फीट की ऊंचाई पर होगी। ड्रैगन के खतरे को देखते हुए ये सुरंग काफी अहम हो जाती है। मानसून खत्म होने के बाद सुरंग के लिए जमीन का अधिग्रहण शुरू हो जाएगा। ड्रैगन के अलावा असम सरकार बांग्लादेश से लगी सीमा को सील करने का भी काम कर रही है। असम चुनाव के दौरान सीमा को सील करने का मुद्दा बीजेपी ने उठाया था। इसके लिए केंद्र सरकार को एक पत्र भी लिखा है। इस से पहले मई में पीएम मोदी ने असम में ढोला सदिया पुल का उद्घाटन किया था। इस पुल के बाद चीन की सीमा तक पहुंचना आसान हो गया है। साफ है कि अब भारत ने चीन के लिए अलग रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही ये सुरंग बनकर तैयार हो जाएगी। उसके बाद चीनी सीमा तक भारत की पहुंच आसान हो जाएगी।