पॉवरफुल पहाड़ी: डोभाल के एक ‘प्लान’ से घबराया चीन, बौखलाहट में दिया ये बयान !
Jul 25 2017 3:04PM, Writer:सौरभ
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे खासमखास सिपाहसलारों में से एक हैं। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे भरोसेमंद हैं। इस भारतीय जेम्स बॉन्ड की तूती पूरी दुनिया में बोलती है। अभी तक तो सिर्फ पाकिस्तान ही मोदी के इस जेम्स बॉन्ड से खौफ खाता था लेकिन, अब पाकिस्तान के साथ-साथ चीन भी अजीत डोभाल से सहमा और डरा हुआ नजर आ रहा है। दरअसल, बीजिंग में ब्रिक्स की एनएसए लेवल की मीटिंग होनी है। इस मीटिंग में डोभाल हिस्सा लेंगे। लेकिन, मीटिंग से पहले ही चीन ने डोभाल पर निशाना साधना शुरु कर दिया है। चीन का आरोप है कि डोकलाम विवाद के पीछे भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ही दिमाग है। हालांकि ये कोई पहला मौका नहीं है कि जब अजीत डोभाल पर किसी देश ने निशाना साधा हो। इससे पहले भी पाकिस्तान उन पर कई आरोप लगा चुके हैं। पाकिस्तान डोभाल के नाम से कांपता है।
दरसअल, अजीत डोभाल प्रधानमंत्री के सबसे भरोसेमंद हैं। इसलिए उन्होंने चीन के साथ चल रहे इस विवाद का पूरा जिम्मा डोभाल को ही सौंप रखा है। डोभाल चीन की हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखे हुए हैं। डोकलाम में भी उन्होंने काफी सक्रिय भूमिका निभाई है। वो हमेशा से परदे के पीछे रहकर काम करना पसंद करते हैं। ये बात चीन को भी पता है। ऐसे में अब चीन ने धमकी दी है कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का दौरा भी डोकलाम के विवाद को नहीं सुलझा सकता है। इस संबंध में चीनी मीडिया में बाकयदा लंबा-चौडा आर्टिकल भी पब्लिश किया गया है। दूसरी ओर डोभाल अपनी रणनीति के तहत ही काम कर रहे हैं। डोकलाम में भारतीय सेना एकदम शांत होकर अपने काम में लगी हुई है। जबकि चीन लगातार गीदड़भभकी देने में जुटा हुआ है। सुरक्षा के मामलों में डोभाल की जबरदस्त पकड़ है। इतना ही नहीं उनका खुफिया नेटवर्क भी काफी सक्रिय है।
लंबे समय तक उन्होंने कई देशों में अंडरकवर एजेंट के तौर पर बिताए हैं। कई देशों में रॉ के अंडरकवर एजेंट के तौर पर काम करने के कारण वो हर देश की दुखती रग को भी जानते हैं। चीन इसी वजह से डोभाल के नाम से कांप रहा है। इतना ही नहीं उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक का भी मास्टर कहा जा जाता है। पहले म्यांमार फिर पाकिस्तान में हुई सफल सर्जिकल स्ट्राइक को अजीत डोभाल ने ही प्लान किया था। म्यांमार में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से चीन भी खौफजदा था। इतना ही नहीं जब से डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद को संभाला है भारत ने अपनी सुरक्षा नीति को लेकर काफी आक्रामक हुआ है। डोभाल को हार पसंद नहीं हैं। शायद यही वजह है कि चीन उनके नाम से बौखलाया हुआ है। दरसअल, इन दिनों भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर विवाद चल रहा है। यहां पर दोनों ही देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। चीन डोकलाम में सड़क निर्माण करना चाहता है लेकिन, भारतीय फौज ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया है।