रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त जानिए, भद्रा और चंद्रग्रहण के बीच ये है राखी बांधने का वक्त !
Jul 25 2017 5:55PM, Writer:सुनीता
रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार आने वाला है। भाई और बहन के बीच प्यार का ये पर्व 7 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बीच ज्योतिषियों ने इसके बारे में पहले ही गणना कर दी है। बड़े ज्योतिषी कहते हैं राखी का ये पर्व इस बार सिर्फ पौने तीन घंटे तक का होगा। यानी आप पौने तीन घंटे के बीच ही अपने भार्इ की कलार्इ को राखी से सजा सकते हैं। ज्योतिषी कहते हैं कि सुबह भद्रा होगी और इसके बाद चंद्रगहण का सूतक लगने से ये स्थिति बन रही है। रक्षाबंधन का त्योहार 7 अगस्त को पड़ रहा है। खास बात ये है कि इस दिन चंद्रगहण भी है। सुबह भद्रा है और इसके बाद चंद्र ग्रहण का सूतक लग रहा है। पंडितों का कहना है कि चंद्र ग्रहण करीब 1 घंटे 57 मिनट तक रहेगा। रक्षाबंधन के लिए सुबह 11:05 बजे तक भद्रा है। याद रखें कि भद्रा में भाई को राखी नहीं बांधी जाती है। इसके साथ ही दोपहर 1:52 बजे चंद्र ग्रहण का सूतक है। आगे भी कुछ और जानकारियां हैं।
सूतक में भी रक्षाबंधन पर्व नहीं मनाया जा सकता। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि सुबह 11:05 बजे से दोपहर 1:52 बजे तक ही ये पर्व मनाया जा सकेगा। लगभग पौने तीन घंटे ही रक्षाबंधन मनाया जा सकेगा। ज्योतिषियों का कहना है कि इस ग्रहण के चलते समुद्र में भी उथल-पुथल के योग बन रहे हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि इस वजह से समुद्री इलाकों में जन-धन की हानि हो सकती है। अब आपको बता देते हैं कि रक्षाबंधन के दिन आपको क्या शुभ काम करने होंगे। ग्रहण काल के दौरान ईष्ट देवता की आराधना जरूर करें। वक्त मिले तो जप, भजन-कीर्तन, धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना शुभ माना जाता है। इनका विशेष फल प्राप्त होता है। ग्रह पीड़ा होने पर निवारण के लिए दान जरूर करें। कहा जाता है कि दान और पुण्य से बड़ा काम कोई भी नहीं होता है। इससे आपके दुखों का निवारण होता है। अब आपको बताते हैं कि किस राशि के लिए ये पर्व शुभ माना जा रहा है।
ज्योतिषियों का कहना है कि चंद्र ग्रहण की वजह से मेष, वृश्चिक, सिंह और मीन राशि वालों के लिए शुभ होगा। इसके साथ ही कर्क, वृष, कन्या और धनु के लिए ये वक्त सामान्य होगा। तुला, मिथुन, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए ये अशुभ वक्त है। जिनके लिए ये वक्त अशुभ है वो ग्रहण किसी भी बाल में ना देखें। इसके साथ ही ज्योतिषी कहते हैं कि गर्भवती स्त्री ग्रहण काल में घर से बाहर किसी भी हाल में ना निकलें। ग्रहण काल के दौरान भोजन न करें। रात्रि में घूमने से बचें। कुल मिलाकर कहें तो इस बार रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त सुबह 11.05 बजे से दोपहर 1.52 तक का है। इसलिए इस वक्त ही अपने भाई की कलाई को राखी से सजाएं। हालांकि कई लोग ऐसे हैं जो 21 वीं सदी में ऐसी बातों को नहीं मानते हैं, लेकिन जिन्हें भारत के शास्त्रों और ज्योतिष पर भरोसा है तो इस नियम का पालन जरूर करें। फिलहाल राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से आपको रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई।