image: Wonderful speech of ajit doval

Video: ‘पावरफुल पहाड़ी’ अजीत डोभाल का दमदार भाषण, दुनियाभर में हुई तारीफ !

Jul 27 2017 6:53PM, Writer:कपिल

पहाड़ी शेर और देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस वक्त चीन में हैं। लेकिन भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में उनका एक संदेश वायरल हो रहा है। हालांकि ये वीडियो काफी पुराना है, लेकिन हमें लगता है ये एक बार आपको जरूर सुनना चाहिए। इस वीडियो में डोभाल जनता को संबोधित कर रहे हैं और कह रहे हैं कि सोचने और समझने की इस वक्त बेहद जरूरत है। डोभाल कह रहे हैं कि हिंदुस्तान अगर कोई जंग हारा है तो अपने लोगों की वजह से हारा है। डोभल कह रहे हैं कि भारत विदेशियों से इतना नहीं हारा, जितना अपने ही मुल्क के लोगों से हारा है। डोभाल कहते हैं कि अंग्रेजों ने भारत के खिलाफ के खिलाफ कोई ऐसी लड़ाई नहीं जीती, जिसमें की अंग्रेजों की फौज में भारतीय सैनिक ना रहे हों। अग्रेजों के साथ हमेशा भारतीय आर्मी रही थी। इसके बाद डोभाल कहते हैं कि जब जब भारत पर आक्रमण हुआ, चाहे वो पारसी थी, या हूण थे, या मंगोल थे या मुगल आए थे, उस वक्त चंद धोखेबाजों की वजह से भारत हारा था। डोभाल आगे कहते हैं कि लश्कर कहां तैयार हुए हैं ?

वो कहते हैं कि लश्कर लाहौर, इस्लामाबाद, सरहिंद में बने थे। डोभाल कहते हैं कि हिंदुस्तान को अगर किसी ने हराया है तो हिंदुस्तान के ही चंद लोगों ने हराया है, जिन्होंने कभी देश का साथ नहीं दिया। आगे डोभाल कहते हैं कि भारत के इतिहास में दर्द इस बात का नहीं है कि विदेशियों ने हमारे साथ क्या किया, दर्द इस बात का है कि हमारे लोगों ने ही हमारा साथ नहीं दिया। डोभाल कहते हैं कि आज भी इस बात का अहसास उन्हें होता है। अजीत डोभाल कहते हैं कि आज डर इस बात का है कि कहीं हमारे अपने लोग ही राष्ट्र की अस्मिता, राष्ट्र के गौरव का सौदा ना कर बैठें। डोभाल कहते हैं कि अपने आज के सुख के लिए अपने भविष्य को अंधकार में ना डालें। ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। ट्विटर औऍर फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्क पर ये वीडियो काफी ट्रेंड कर रहा है। आप भी एक बार इस भाषण को सुनिए और हां अगर आपको अच्छा लगे तो शेयर करना मत भूलिएगा।

इस बीच डोभाल ने आखिरकार चीन की धरती पर अपने कदम रख दिए हैं। इससे पहले चीन में डोभाल के दौरे को लेकर सौ बातें कही जा चुकी हैं। धमकियां दी गई, उलाहने दिए गए लेकिन डोभाल डरे नहीं और आखिरकार चीन पहुंच गए। अब शुक्रवार को डोभाल और जिनपिंग के बीच मुलाकात होनी है। इस मुलाकात के दौरान ब्रिक्स देशों के सभी एनएसए भी वहां मौजूद रहेगे।इधर डोकलाम में 41 दिन से भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं। लग रहा है मानों दोनों ही सेनाएं बस एक इशारे का इंतजार कर रही हैं। डोकलाम वो इलाका है, जिसे ट्राई जंक्शन कहा जाता है। तीन देशों की सीमाएं इस क्षेत्र में आकर मिलती हैं। इस बीच चीन इस इलाके में जबरदस्ती अपनी सड़क बनाना चाहता है। चीन की इस हरकत का भारत और भूटान मिलकर विरोध कर रहे हैं। अब बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को डोभाल चीन में राष्ट्रपति जिनपिंग के सामने उठाएंगे।


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