नीतीश कुमार ने साबित किया बहुमत, 131 वोट के साथ तेजस्वी को दिया जवाब
Jul 28 2017 2:00PM, Writer:Shantanu
बिहार की राजनीति में जारी उठा पटक खत्म हो गई है। महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार को शुक्रवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना था। बिहार में नीतीश कुमार बीजेपी की सरकार ने विधानसभा में बहुमत हासिल कर लिया है। इसी के साथ राज्य में जारी सियासी उठा पटक का दौर भी खत्म हो गया है। जेडीयू और बीजेपी के पक्ष में 131 वोट पड़े जबकि विपक्ष के खाते में 108 वोट आए। इसी के साथ नीतीश ने बड़े आराम से बहुमत हासिल कर लिया। बहुमत से पहले तेजस्वी यादव जिस तरह से बड़े बड़े दावे कर रहे थे वो सभी फुस्स हो गए। तेजस्वी ने कहा था कि जेडीयू के 16 विधायक हमारे पक्ष में वोट करेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसी के साथ राज्य में एक नए युग की शुरूआत हुई है। लालू एंड फैमिली के लिए ये किसी बड़े भटके से कम नहीं है।
विधानसभा में बहुमत हासिल करने के बाद नीतीश कुमार ने कई अहम बातें की। उन्होंने कहा कि वो जो कर रहे हैं वो बिहार के हित में कर रहे हैं। तेजस्वी और कांग्रेस पर उन्होंने हमला बोलते हुए कहा कि ये अहंकार में जीने वाले लोग हैं। कांग्रेस को चुनाव में 15 सीटें भी नहीं मिल पाती, महागठबंधन के कारण उसे इतनी सीटें मिल गईं। उसे 40 सीटे चुनाव लड़ने के लिए दी थी। बीजेपी ने भी नीतीश का बचाव करते हुए विरोधी दलों पर हमला किया। बताया जा रहा है कि बहुमत हासिल करने के बाद आज ही मंत्रीमंडल का भी एलान किया जा सकता है। बीजेपी और जेडीयू दोनों दलों से 13-13 मंत्री बनने की बात की जा रही है। इस से पहले बहुमत हासिल करने के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला। तेजस्वी यादव ने नीतीश पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने बीजेपी के खिलाफ वोट दिया था।
तेजस्वी ने कहा कि ये लोकतंत्र की हत्या है। नीतीश ने पहले से सारी तैयारी कर रखी थी। तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी के कई मंत्री हैं जिन पर आरोप हैं। वहीं इस पूरे घटनाक्रम में एक अहम बात ये है कि हाईकोर्ट ने आरजेडी की याचिका मंजूर कर ली है। याचिका बीजेपी और जेडीयू सरकार के खिलाफ दाखिल की गई थी। इस पर सोमवार से सुनवाई शुरू होगी। आपको एक बार बिहार विधानसभा की दलगत स्थिति बता देते हैं। बिहार विधानसभा में नीतीश के पास 71, एनडीए के पास 58 सीटें हैं। इस तरह से कुल 129 विधायक हुए। एनडीए ने दावा किया था कि उसके पक्ष में 132 विधायक हैं। बीजेपी विधायक आनंद भूषण तबीयत खराब होने के कारण वोट नहीं डाल पाए इसलिए पक्ष में 131 वोट पड़े। यानि बीजेपी और जेडीयू का आंकड़ा एक दम सटीक बैठा। वहीं ये भी कहा जा रहा है कि जेडीयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव भी अब संतुष्ट हैं।