image: Dm manglesh ghildyal wife teaching students for free

उत्तराखंड का ‘सिंघम’, देश में कहीं नहीं मिलेगा ऐसा जिलाधिकारी, अब किया महान काम!

Jul 29 2017 2:15PM, Writer:kapil

एक बात तो आप जान लीजिए कि अगर उत्तराखंड में ऐसे जिलाधिकारी हर जगह हो गए तो बाकी ही निराली हो जाएगी। भारत में 4377 आईएएस अफसर हैं परंतु कुछ गिने चुने ही होते हैं जो जनता के दिलों पर राज करते हैं। उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल उनमें से हैं जो दिलों पर राज करते हैं। गर्ल्स इंटर कॉलेज में साइंस टीचर नहीं था। छात्राएं परेशान हो रहीं थीं। मंगलेश ने तय किया कि जब तक नए टीचर की भर्ती नहीं हो जाती, तब तक उनकी पत्नी ऊषा घिल्डियाल क्लास लेंगी और इसके एवज में उन्हे कोई पारिश्रमिक नहीं दिया जाएगा। रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल जिले में शिक्षकों के आभाव से खासा निराश हैं। जिले में वो हर जगह निरिक्षण करते रहते हैं। वो चाहते हैं कि जिले में हर जगह शिक्षा का स्तर सुधरे और पलायन रुके। निरीक्षण के दौरान कई बार डीएम साहब बच्चों को ब्लैक बोल्ड पर पढ़ाते देखे जाते हैं। लेकिन अब डीएम मंगेश घिल्डियाल के साथ उनकी पत्नी ने भी सहयोग का हाथ बढ़ाया है।

इस बारे में मंगलेश कहते हैं कि वो रूटीन चेक पर जीजीआईसी गए थे, वहां जाने पर पता चला कि छात्राओं को पढ़ाने के लिए कॉलेज में साइंस के टीचर नहीं हैं। इसके बाद मंगलेश ने पत्नी से इस बारे में बात की। इसके बाद इस जिलाधिकारी की पत्नी भी तैयार हो गईं। कॉलेज के प्रिंसिपल से जब इस बारे में बात की, तो उन्हें भी कोई आपत्ति नहीं थी और उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया। मंगलेश का कहना है कि शासन स्तर पर टीचर की भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। तब तक उनकी पत्नी अवैतनिक रूप से वहां अपनी सेवाएं दे देंगी। 2011 बैच के IAS अफसर मंगेश ने UPSC की परीक्षा में पूरे देश में चौथी रैंक हासिल की थी। मंगलेश ने हमेशा ही अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। मई में जब उनका बागेश्वर जिले से ट्रांसफर हो रहा था, तो वहां के लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए। जगह-जगह भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे। रुद्रप्रयाग के लोगों का कहना है कि इनके आने के बाद रुद्रप्रयाग में बहुत कुछ सुधार हो रहा है।

जिस प्रकार वर्तमान समय मे जिले में कार्य हो रहे हैं, उससे जल्द ही जिले की दशा बदल जाएगी। इसके साथ ही मंगलेश से अब जिले की जनता की और अधिक उम्मीदें जुड़ गई हैं। मंगलेश घिल्डियाल को सबसे ज्यादा लगाव बच्चों से है। वो जहां भी जाते हैं बच्चों से बातचीत करते हैं। स्कूल में जाते हैं तो बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मध्याहन भोजन करते हैं। बच्चों की परेशानी सुनते हैं। जिलाधिकारी का मानना है कि बच्चों की पढ़ाई कभी भी नहीं रुकनी चाहिए। ये वही मंगलेश घिल्डियाल है जिन्होंने केदारनाथ में हेली कंपनियों के द्वारा नियमों की अनदेखी को देखा, तो सख्त एक्शन लिया था। उन्होंने डीजीसीए को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की थी। ये वही मंगलेश घिल्डियाल हैं जो लापरवाह सरकारी अधिकारियों के लिए आफत बन गए हैं। जाहिर है कि ऐसा जिलाधिकारी अगर राज्य के हर जिले को मिल जाए तो हर जिला खुशहाल हो पाएगा। इसके साथ ही मंगलेश घिल्डियाल का ध्यान कानून व्यवस्था पर भी रहता है।


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