उत्तराखंड के पहलवान ने पाकिस्तान को चटा दी धूल, जीता गोल्ड मेडल !
Jul 30 2017 8:59AM, Writer:कपिल
देवभूमि उत्तराखंड की धरा पर ऐसे ऐसे सपूत पैदा हो रहे हैं, जो दुनिया में अपना जलवा दिखा रहे हैं। इनमें से एक नाम है लाभांशु शर्मा, जी हां आपको याद होगा कि कुछ वक्त पहले हमने आपको बताया था कि लाभांशु शर्मा ऋषिकेश के उभरते हुए पहलवान हैं। ऋषिकेश के युवा पहलवान लाभांशु शर्मा ने थर्ड स्टूडेंट ओलिंपिक इंटरनेशनल गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता है। श्रीलंका में आयोजित एशियन इंटरनेशनल गेम्स में उन्होंने पाकिस्तान के पहलवान को करारी टक्कर देकर ये सव्रण पदक हासिल किया। लाभांशु का पहला मुकाबला मलेशिया के पहलवान से हुआ, जिसमें उन्होंने 10-0 से एक तरफा जीत हासिल की थी। दूसरे मुकाबले में उन्होंने श्रीलंका के पहलवान को 6-3 से शिकस्त दी, जबकि फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के पहलवान को 8-6 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
आपको बता दें कि थर्ड स्टूडेंट ओलिंपिक इंटरनेशनल गेम्स श्रीलंका में आयोजित हो रहे हैं। ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर निवासी लाभांशु शर्मा साल 2015 में राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं। नेशनल स्कूल गेम्स में उत्तराखंड को कुश्ती का पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले पहलवान लाभांशु शर्मा ही हैं। राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में लाभांशु कई पदक जीत चुके हैं। लाभांशु का चयन दुबई में होने वाली एशिया यूथ चैंपियनशिप के लिए भी हो चुका है। लाभांशु का लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण जीतना है। उन्होंने बताया कि वो जल्द ही ऋषिकेश लौटेंगे। इसके बाद वो कुनाऊं गांव स्थित अपने कुश्ती के अखाड़े में युवाओं के लिए कैंप भी आयोजित करेंगे। उन्हें अखाड़े में कुश्ती के लिए रेसलिंग मैट की जरूरत है, इसके लिए राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
राज्य समीक्षा का मानना है कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को हर तरह से मदद की जानी चाहिए, जिससे आने वाले भविष्य में उत्तराखंड से और भी ऐसे बड़े खिलाड़ी पनप सकें। देवभूमि भी ऐसे ऐसे ताकतवर और हुनरमंद युवाओं को पैदा कर रही है, जो देश ही नहीं बल्कि दुनिया में अपना लोहा मनवा रहे हैं। इससे पहले नेपाल के काठमांडू में आयोजित हुई इंडो-नेपाल कुश्ती चैंपियनशिप में लाभांशु ने नेपाल आर्मी के पहलवान को ही चारों खाने चित कर दिया। आपको बता दें कि नेपाल के काठमांडू में सात से 10 जून तक चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इसमें लाभांशु शर्मा ने 120 किलोग्राम भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके साथ ही लाभांशु ने इतिहास भी रच दिया। उत्तराखंड के हर युवा को लाभांशु से सीख लेनी चाहिए। अगर हिम्मत हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता बल्कि और भी ज्यादा आसान होता है।