Video: देवभूमि की फिजाओं में इस गीत का जादू, आज सुनिए ‘Back home to the mountains’
Jul 30 2017 2:15PM, Writer:मीत
कहते हैं पहाड़ियों की आवाज और अंदाज का कोई सानी नहीं है। आज हम आपके सामने एक मस्त पहाड़ी गाना लेकर आए हैं। नैनीताल के रहने वाले गौरव पांडे की आवाज में ये गाना शानदार है। बेहद ही नए और संधे अंदाज में गाया गया ये गाना आपको बेहद ही पसंद आएगा। गौरव नैनीताल के रहने वाले हैं और सेंट जोसेफ स्कूल से इन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद गौरव ने मुरादाबाद से सिविल इंजिनयरिंग की। इसके बाद गौरव ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से साउंड इंजीनियरिंग की। अब गौरव कुमाऊं यूनिवर्सिटी म्यूजिक एप्रिसिएशन इन इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड उत्तराखंड फोक का कोर्स कर रहे हैं। अपने हर गाने को बिल्कुल अलग ही अंदाज में पेश करने वाले गौरव इस बार आपके लिए शानदार तोहफा लाए हैं। अंग्रेजी और उत्तराखंडी भाषा में गाया गया ये इस गीत के बोल हैं ‘बैक होम टु द माउंटेन्स’। पहली बार में आपको लगेगा कि कोई नॉर्मल सा गाना आपके सामने पेश होने वाला है। लेकिन जब आप इस गाने को सुनेंगे तो आपको रौंगटे खड़े हो जाएंगे।
गौरव के बारे में कहा जाता है कि वो संगीत को जीते हैं, पहाड़ी संगीत से उनका बेहद लगाव है। गौरव का कहना है कि उत्तराखंड का यूथ लगातार संगीत की तरफ फोकस कर रहा है। गौरव के पिता नगरपालिका रुद्रपुर में फूड इंस्पेक्टर हैं। घरवाले चाहते थे कि गौरव इंजिनियरिंग करें, लेकिन उन्होंने म्यूजिक को ही अपना सब कुछ माना। पहाड़ के संगीत को नई धुन देकर उन्होंने तो गजब ही कर दिया है। ये गाना साबित कर रहा है कि पहाड़ के युवा आज संगीत की दुनिया में किस कदर आगे बढ़ते जा रहे हैं। बेहतरीन आवाज के धनी गौरव ने आज पहाड़ के गीतकारों में अपनी अलग ही जगह बनाई है। अपनी गिटार से गौरव ने इस गाने को जो आवाज दी है, शायद इसे कोई उत्तराखंडी कभी नहीं भूल पाएगा। ये गौरव की आवाज का जादू है, जो लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। उत्तराखंड के युवाओं ने पहाड़ के संगीत को दुनिया के सामने रख दिया है। इसके साथ ही इन युवाओं ने दुनिया को ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर पहाड़ की तरफ रुख क्यों ना किया जाए।
जहां पहाड़ से लगातार पलायन होता जा रहा है, इन युवाओं ने अपनी संस्कृति को अपने साथ समेटकर इसे फिर से जिंदा करने की कोशिश कर दी है। गौरव का कहना है गढ़वाल और कुमाऊं आज के दौर में कुछ नहीं रह गया है। अब बात उत्तराखंड की होनी चाहिए। ऐसा नहीं है कि पहाड़ में पहले कालजयी सिंगर नहीं हुए। हीरा सिंह राणा, नरेंद्र सिंह नेगी, चंद्र सिंह राही जैसे ऐसे सिंगर्स आए हैं, जिन्होंने दुनिया को दिखाया है कि पहाड़ के सुरों का दम खम क्या है। गौरव कहते हैं कि आज पहाड़ का म्यूजिक लगातार पीछे छूट रहा है, इस वजह से पहाड़ी folk पीछे छूट रहा है। इस वजह से गौरव ने अपने बैंड का नाम आधुनिक folk रखा है। गौरव कहते हैं आज सरकार को पहाड़ी गानों को आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। बात सच भी है कि ऐसे कलाकारों को बड़ा मंच मिलना चाहिए। और हां पहाड़ी बंदे के इस गाने को शेयर करना ना भूलें। पहाड़ी संगीत पर आपको खुद ब खुद गर्व होगा। जय उत्तराखंड