उत्तराखंड में देश की सबसे शर्मनाक हरकत, शिक्षिका ने क्लास में उतारे छात्राओं के कपड़े !
Aug 2 2017 10:49AM, Writer:प्रगति
क्या इसे देश की सबसे शर्मनाक हरकत नहीं कहा जा सकता ? क्या उत्तराखंड में किसी शिक्षक से आप इस तरह की उम्मीद कर सकते हैं ? अगर छात्रों अपनी हद में रहना है तो क्या शिक्षकों को अपनी हद में नहीं रहना चाहिए ? और सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या बीच कक्षा में छात्राओं के कपड़े उतरवाकर देवभूमि सभ्य समाज की परिकल्पना की जा रही है ? पहले जान लीजिए कि उतराखंड के एक स्कूल में हुआ क्या है। दरअसल हरिद्वार से सटे लंढौरा कस्बे में पड़ता है जेपी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल। इस स्कूल की दो छात्राओं को बीच क्लास में कपड़े इसलिए उतारने पड़े क्योंकि इनके अंग्रेजी में कम नंबर आए थे। कम नंबर आने पर शिक्षिका ने कक्षा 6 की दो छात्राओं के कक्षा में कपड़े उतरवा दिये। छात्राओं ने इस बात की शिकायत प्रिंसिपल से भी की लेकिन प्रिंसिपल की गंदी हरकत सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। प्रिंसिपल ने उन दो छात्राओं की मदद करने के बजाय उनसे कहा कि ये बात अपने घर में किसी को भी ना बताएं।
जिस वक्त प्रिंसिपल ने छात्राओं से कहा कि अपने घर में ये बात ना बताएं, उस वक्त ही वो चुल्लू भर पानी में डूब क्यों नहीं गया ? दो छात्राओं की अस्मत से बीत कक्षा में खिलवाड़ हो रहा है और प्रिंसिपल इस तरह की बातें कर रहे हैं, गजब है। छात्राएं चुप नहीं रही, उन्होंने घर पहुंचकर अपने परिवारवालों को ये बात बताई।इसके बाद परिजनों ने स्कूल में जमकर हंगामा काटा। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अभिभावकों को किसी तरह से शांत कराया। परिजनों ने घटना की तहरीर पुलिस को दी है। वहीं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने भी मामले में रिपोर्ट तलब की है। मंगलवार को स्कूल में कक्षा 6 का अंग्रेजी का पेपर था। जिसमें इन दो छात्राओं के कम नंबर आये। आरोप है कि इसके बाद कक्षा अध्यापिका ने छात्राओं को सबसे पीछे खड़ा कर दिया और कपड़े उतारने को कहा। इस पर छात्राओं ने कपड़े उतारने से मना कर दिया। आरोप है कि इसके बाद शिक्षिका खुद पीछे पहुंची और उनके जबरन कपड़े उतार दिये।
इस दौरान एक छात्रा की कमीज के बटन भी टूट गये। काफी देर तक दोनों छात्राएं इसी स्थिति में खड़ी रही। इसके बाद उन्होंने इस मामले की शिकायत स्कूल की प्रिंसिपल से की लेकिन आरोप है कि प्रिंसिपल ने ही छात्राओं को धमकी दे डाली। जब मीडिया ने सवाल किया तो स्कूल के प्रिंसिल को जवाब देना पड़ा। उनका कहना है कि अगर शिक्षिका ने ऐसा किया है तो गलत है। शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वाह प्रिंसिपल साहिबा, आपके सामने बच्चियों को नंगा किया जा रहा है और आप ही खुद उन्हें घर पर ना बताने की धमकी दे रही हैं। और अब मीडिया सामने आई तो अपने बचाव में ना जाने क्या क्या कहने लगी। राज्य समीक्षा का मानना है कि इस तरह के स्कूलों में बच्चों को शिक्षा का नहीं बल्कि अश्लीलता फैलाने का पाठ पढ़ाया जा रहा है। जिस स्कूल में टूचर खुद जाकर बच्चियों के कपड़े फाड़ने लगे और उन्हें शर्मसार कर दे तो उस स्कूल में पढ़ाई करने का फायदा ही क्या है?