image: Former cm harish rawat attack on bjp govt

पूर्व सीएम हरीश रावत का बड़ा खुलासा, BJP के प्रशिक्षण शिविर को लेकर कही ये बातें !

Aug 2 2017 5:06PM, Writer:kapil

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लगातार बीजेपी सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। इस बार उन्होंने एक बार फिर से बड़ा खुलासा किया है। पूर्व सीएम ने हाल ही में संपन्न हुए बीजेपी के प्रश‌िक्षण कार्यक्रम को लेकर ये खुलासा क‌िया । इसके साथ ही उन्होंने देश के पीएम मोदी पर भी निशाना साधा है। हरीश रावत ने इस कार्यक्रम को लेकर ऐसी ऐसी बातें बताई हैं कि आप भी एक बार के लिए हैरान रह जाएंगे। हरीश रावत ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी का समागम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथू राम गोडसे के नाम रहा। रावत ने बताया कि इस सम्मेलन में आए लोगों को गोडसे की डाक्यूमेंट्री, प्रवचनों और लेख के बारे में बताया गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस शिविर में सिर्फ गोड्से की अलग छवि दिखाने की कोशिश की गई है। इसके साथ ही पूर्व सीएम ने इस बात की कड़ी आलोचना भी की है। हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि बीजेपी इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी अब इतिहास को अपने हिसाब से लिखने की कोशिश कर रही है। इसके बाद हरीश रावत ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के ‘सांप्रदायिकता भारत छोड़ो’ का नारा हास्यास्पद है। हरीश रावत मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इसके बाद पूर्व सीएम ने एक बार फिर से उत्तराखंड सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के समागम में पलायन पर बात नहीं हुई, बल्कि सिर्फ नाथूराम गोड्से को लेकर बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि इस शिविर में विकास की कोई बात नहीं हुई बल्कि नाथूराम गोड्से को बड़ा दिखाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इस शिविर में बेरोजगारी पर किसी भी तरह की चर्चा नहीं हुई, बल्कि नाथूराम गोड्से की डॉक्यूमेंट्री पर चर्चा की गई। पूर्व सीएम ने कहा कि सीमा पर तनाव, किसानों की लगातार हो रही आत्महत्या पर भी अब तक कोई प्रस्ताव सामने नहीं आया, बल्कि पूरा समागम गोडसे को समर्पित कर दिया गया।

इसके साथ ही हरीश रावत ने कहा कि देश के पीएम मोदी के नारे ‘सांप्रदायिकता भारत छोड़ो’ के नारे में साफ तौर पर विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि ये नारा दोहराने से पहले पीएम मोदी को आरएसएस के ऐसे सभी साम्प्रदायिक कृत्यों के लिये खेद प्रकट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक बजरंग दल, गौरक्षक और हिंदू युवा वाहिनी जैसे संगठन धर्म आधारित घृणा का प्रचार करते रहेंगे, तब तक पीएम मोदी का का कथन एक मजाक ही कहा जाएगा। पूर्व सीएम यहीं नहीं रुके, उन्होंने कुछ और बातें भी मीडिया को बताई हैं। उन्होने कहा कि छात्रों को स्वर्गीय दीन दयाल उपाध्याय के विचारों के बारे में बताने के नाम पर स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक भारत के निर्माण को तोड़-मरोड़ कर दिखाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बात की वो कड़ी निंदा करते हैं। कुल मिलाकर पूर्व सीएम ने एक नए विवाद को हवा दे दी है, अब देखना है कि भारतीय जनता पार्टी इस पर क्या पलटवार करती है।


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