दुश्मनों का काल बने पहाड़ी शेर बिपिन रावत, बॉर्डर पर अब तक 111 आतंकी ढेर !
Aug 3 2017 1:50PM, Writer:अंकित
इस बीच ये रिपोर्ट ये बताने के लिए काफी है कि किस तरह से इंडियन आर्मी लगातार दुश्मनों का काल बनती जा रही है। खास बात ये है कि इंडियन आर्मी को लीड इस वक्त पहाड़ी शेर बिपिन रावत कर रहे हैं। जनरल बिपिन रावत ने जिस तरह से कश्मीर में ऑपरेशन चलाया है, उसकी हर जगह तारीफ हो रही है। आज हम आपको एक रिपोर्ट के बारे में बताने जा रहे हैं। ये रिपोर्ट ये बताने के लिए काफी है कि आखिर कैसे अपने दिन और रात एक कर भारतीय सेना के जवान जनरल बिपिन रावत की अगुवाई में आतंकियों पर कहर बरपा रहे हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि ये रिपोर्ट गृह मंत्रालय की तरफ से जारी की गई है। इस रिपोर्ट में हर वो बात लिखी है, जिसका आपसे सरोकार है। देश के जवानों ने अब आतंकियों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। इसका सबसे बड़ा सबूत कुलगाम में हाल ही में हुआ आर्मी का ऑपरेशन भी है। इसके साथ ही अगर आपको ये रिपोर्ट पसंद आए तो अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर कीजिए।
पाकिस्तान से आए आतंकियों की हर गोली का जवाब देने के लिए इंडियन आर्मी तैयार है। इस बार आंतकियों को कोई वॉर्निंग नहीं दी जा रही है। जो आतंकी जहां दिख रहा है उसे वहीं ढेर कर दिया जा रहा है। भारतीय सेना जानती है कि आतंकियों को रहम की भीख देना कितना खतरनाक साबित हो रहा है। खबर है कि दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों ने दो और आंतकियों को मौत की नींद सुला दिया है। इसके साथ ही भारतीय सेना के आंकड़े में अब कुल मिलाकर 111 आतंकियों की लाश दफन हो चुकी है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश कालिया ने इस बारे में मीडिया को बयान भी दिया है। उन्होंने बताया कि सेना को कुलगाम में आतंकियों के होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पूरे इलाके में घेराबंदी की गई। इस दौरान दो आतंकियों को ढेर किया गया है। मौके से सेना को दो हथियार मिले हैं। आपको बता दें कि सेना ने आतंकियों के खिलाफ एक विशेष ऑपरेशन चलाया है।
इस ऑपरेशन के तहत पिछले सात महीने में 109 आतंकियों को ढेर कर दिया गया है। दो और आतंकी मारे गए हैं तो ये आंकड़ा अब 11 हो गया है। यानी साफ है कि अब भारतीय सेना के निशाने से आतंकी किसी भी हाल में नहीं बच सकते। गृह मंत्रालय ने ये रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर में 7 महीनों में औसतन हर दिन एक आतंकी वारदात हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दशक में मारे गए आतंकियों की तादाद सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2016 में 150 आतंकी मारे गए थे, लेकिन वो आंकड़ा पूरे साल का था। यहां तो सिर्फ 7 महीने में ही 111 आतंकियों को मौत की नींद सुला दिया गया है। हालांकि ये रिपोर्ट ये भी कहती है कि इस साल आतंकी वारदातों में 25 फीसदी का इजाफा हुआ है। आपको याद होगा कि इससे पहले मंगलवार को इंडियन आर्मी ने पुलवामा में एनकाउंटर किया था। इस एनकाउंटर में अबु दुजाना समेत 2 आतंकियों को मार गिराया था।