बॉर्डर पर शहीद हुआ उत्तराखंड का वीर सपूत, ये शहादत नहीं भूलेगा हिंदुस्तान
Aug 3 2017 5:29PM, Writer:सौरभ
उत्तराखंड का एक और लाल सीमा पर शहीद हो गया है। आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान उत्तराखंड के मेजर कमलेश शहीद हो गए। मेजर कमलेश अपने पीछे दो साल की बेटी और पत्नी को छोड़ गए। आर्मी हेडक्वार्टर ने इस खबर की पुष्टि की है कि हल्द्वानी-ऊंचापुल निवासी मेजर कमलेश पांडे सहित दो सैनिक शहीद हो गए। जबकि एक सैनिक घायल हुआ है। मेजर कमलेश पाण्डेय 62 राष्ट्रीय रायफल में जम्मू कश्मीर में तैनात थे। शहीद मेजर कमलेश की पत्नी रचना पांडे और दो साल की बेटी भूमिका गाजियाबाद में रहती है। शहीद मेजर कमलेश पाण्डे के पिता मोहन चन्द्र पांडेय भी आर्मी से हवलदार पद से रिटायर हैं। गुरुवार को आतंकवादियों ने कश्मीर के शोपियां में आर्मी के काफिले पर हमला बोल दिया। इस आतंकी हमले में मेजर कमलेश पांडे समेत दो जवान शहीद हो गए हैं। जबकि एक जवान की हालत नाजुक बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक इस वारदात को कुल तीन आतंकियों ने अंजाम दिया।
तीनों आतंकियों ने छिपकर इस काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग की। इसके बाद तीनों आतंकी यहां से भाग निकले। आतंकियों की तलाश में पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षाबलों ने आसपास के पूरे इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश शुरु कर दी है। दरअसल, इस वक्त इंडियन आर्मी ने कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है। जिसके तहत आतंकियों को ढूंढ-ढूंढकर मारा जा रहा है। इस साल अब तक कश्मीर में करीब सवा सौ आतंकी मौत के घाट उतारे जा चुके हैं। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से आतंकी संगठनों में भी हड़कंप मचा हुआ है। यही वजह है कि आतंकी आनन-फानन में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार की रात को ही सुरक्षाबलों को खबर मिली थी कि यहां पर कुछ आतंकी छिपे हुए हैं। आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबलों ने रात में ही सर्च ऑपरेशन शुरु कर दिया था। लेकिन, उन्हें आतंकी नहीं मिल पाए थे।
इसके बाद शोपियां के उसी इलाके के पास गुरुवार की सुबह तीन आतंकियों ने सेना के काफिले को अपना निशाना बनाया और उस पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। बुधवार की रात जैसे ही सुरक्षाबलों ने शोपियां में कॉर्डन आफ एंड सर्च ऑपरेशन (COSA) शुरु किया। सोशल मीडिया पर सक्रिय आतंकियों के हैंडलर्स ने इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी शुरु कर दी। माना जा रहा है इसी जानकारी का फायदा उठाकर आतंकी वहां से भाग निकले। जिसके बाद गुरुवार को उन्हीं आतंकियों ने शोपियां में ही सेना के काफिले को अपना निशाना बनाया। दूसरी ओर कुलगाम में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच गुरुवार की सुबह मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में दो आतंकियों को मार गिराया गया। मेजर कमलेश पांडे की शहादत पर पूरे हिंदुस्तान की आंखें नम हैं। उत्तराखंड ने देश को ना जाने कितने ऐसे वीर दिए हैं, जिन्होंने सीमा पर हंसते हंसते अपनी जान कुर्बान कर दी। राज्य समीक्षा का इस वीर जांबाज को सलाम ।