ब्लैक मनी वालों पर पीएम मोदी का शिकंजा, स्विस सरकार ने कर दिया बड़ा खुलासा !
Aug 6 2017 9:03PM, Writer:Shantanu
केंद्र की मोदी सरकार सत्ता में आने के साथ ही काले धन के खिलाफ मुहिम में जुट गई थी। पीएम मोदी ने कई मौकों पर कहा कि वो विदेशों में छुपे काले धन को भारत ला कर रहेंगे। इस कड़ी में पीएम मोदी ने नोटबंदी का एलान भी किया। नोटबंदी से काले धन पर असर जरूर पड़ा लेकिन विदेशों में पड़ा भारतीयों का काला धन वापस नहीं आया। काले खन के खिलाफ मोदी सरकार को एक अहम कामयाबी मिली है। भारतीयों का ब्लैक मनी जिन देशों में है उनमें सबसे स्विट्जरलैंड का नाम है। जिसे टैक्स हैवेन भी कहा जाता है। सरकार पिछले काफी समय से कोशिश कर रही है कि वो स्विट्जरलैंड में जिन भारतीयों का काला धन है उसका पता लगाए। लेकिन स्विस बैंक की पॉलिसी के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब इस मामले सरकार को कामयाबी मिली है। काला धन रखने वालों तक पहुंचने का रास्ता अब साफ होता जा रहा है।
स्विस सरकार ने ऑटोमैटिक सूचना आदान प्रदान समझौते के लिए भारत के मौजूदा डाटा सुरक्षा और गोपनीयता कानून को काफी बताया है। बता दें कि अब इस समझौते से स्विट्जरलैंड के बैंकों में कालाधन रखने वालों की जानकारी मोदी सरकार तक पहुंचने का रास्ता खुल जाएगा। यानि जिन लोगों का काला धन स्विस बैंकों में है उसकी जानकारी सरकार तक पहुंच जाएगी। हालांकि अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि ये जानकारी सरकार सार्वजनिक कर सकती है या फिर नहीं। क्योंकि ड़ाटा सुरक्षा और गोपनियता कानून का हवाला दिया जा रहा है। वित्तीय खातों की स्वाभाविक जानकारी के आदान प्रदान को लेकर स्विस सरकार के आधिकारिक गजेट में नोटिफिकेशन और फैक्ट शीट में इसी तरह के समझौते के लिए अन्य वित्तीय केंद्रों के फैसले का भी हवाला दिया है। यानि अब काला धन रखने वालों के बुरे दिन आने वाले हैं। बैंकों के डाटा को सुरक्षा देने वाले देशों की लिस्ट में भारत को मान्यता देने के लिए स्विस सरकार ने अमेरिकी टैक्स अथॉरिटी, इंटरनल रेवेन्यू सर्विस का भी हवाला दिया है।
जर्मन भाषा में छपे फैक्ट शीट और नोटिफिकेशन में इस बात का जिक्र है कि स्विस सरकार बीमा और दूसरी वित्तीय सेवाओं समेत भारतीय बाजार में ज्यादा पहुंच बनाने के लिए संभावनाओं की तलाश कर रहा है। बता दें कि स्विट्जरलैंड ने भारत के साथ साथ 40 देशों के लोगों के स्विस बैंकों में खातों की जानकारी देने के लिए इस साल जून में मंजूरी दी थी। स्विस सरकार ने कालेधन की सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान के लिए गोपनीयता की शर्त रखी है। मोदी सरकार के लिए ये काफी अहम कामयाबी है। केंद्र सरकार काफी लंबे समय से ब्लैक मनी के खिलाफ एक्शन ले रही है। नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक सभी फैसलों से काले धन पर प्रहार हो रहा है। लेकिन अभी भी विदेशों में भारतीयों के काले धन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में स्विट्जरलैंड सरकार का ये फैसला सरकार की राह आसान कर सकता है। हालांकि अभी इस बात पर संदेह है कि स्विस बैंकों से मिलने वाली जानकारी सार्वजनिक होगी या फिर नहीं।