देवभूमि के दो बच्चों का दम देखिए, 182 देशों के खिलाड़ियों को हराकर जीता मेडल !
Aug 10 2017 7:22PM, Writer:प्रगति
उत्तराखंड की प्रतिभा आज किसी चीज की मोहताज नहीं रह गई है। हर जगह, हर क्षेत्र में ये अपना दम दिखा रहे हैं। आज हम उत्तराखंड के ही दो बच्चों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं। इन दो बच्चों ने अपनी प्रतिभा का लोहा दक्षिण कोरिया में मनवाया है। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में इन दो बच्चों ने पदक जीता है। खास बात ये है कि ये दोनों भाई-बहन हैं। दक्षिण कोरिया के चुनचाइन शहर में अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता थी।इस प्रतियोगिता में 41 किलोभार वर्ग में देहरादून के शिवांग चौधरी ने सिल्वर मेडल हासिल किया। खास बात ये रही है कि इस कॉम्पिटीशन के 29 किलो भारवर्ग में शिवांग की बहन स्नेहा चौधरी ने रजत पदक हासिल किया। इस कॉम्पिटीशन में दुनिया के 182 मुल्कों के खिलाड़ियो ने हिस्सा लिया था। 41 किलो वेट कैटेगिरी में देहरादून के शिवांग चौधरी का फाइनल मुकाबला कड़ा था।
शिवांग चौधरी का मुकाबला रुस, ड्रेनमा एवं कोरिया के खिलाड़ियों के साथ था। शिवलांग ने जबरदस्त खेल दिखाया और रजत पदक हासिल किया। इसके अलावा स्नेहा चौधरी की भिड़ंत इंडोनेशिया, कोरिया और रुस के खिलाड़ियों के साथ हुई। स्नेहा ने भी जबरदस्त दांव पेंच दिखाए और सिल्वर मेडल हासिल किया। स्नेहा इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। इससे पहले स्नेहा ने थाईलैंड में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था। इसके अलावा शिवांग चौधरी उत्तराखंड स्टेट लेवल पर सब जूनियर चैंपियन रहे हैं। कुल मिलाकर कहें तो इस वक्त खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों का डंका बज रहा है। इससे पहले विकासनगर के भोजावाला की रहने वाली साक्षी तोमर ने नेपाल में हुई ताइक्वांडो प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। अब स्नेहा और शिवांग ने फिर से देवभूमि का मान बढ़ाया है।
चाहे बात आप एकता बिष्ट और मानसी जोशी की कीजिए, जो भारतीय क्रिकेट टीम को लगातार जीत दिला रही हैं। हाल ही में वर्ल्ड कप में इन दोनों बेटियों ने अपना दम दिखाया है। इसके अलावा बास्केटबॉल में भी उत्तराखँड आगे बढ़ रहा है। भारत की बास्केटबाल टीम की कप्तानी उत्तराखंड के विशेष भृंगुवंशी को दी गई है। उधर पहलवानी में तो उत्तराखंड के पहलवानों के आगे दुनियाभर के पहलवान कांप रहे हैं।ऋषिकेश के उभरते हुए पहलवान लाभांशु शर्मा ने अपने करियर के पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ही भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। इसी के साथ साबित हो गया है कि देवभूमि भी ऐसे ऐसे ताकतवर और हुनरमंद युवाओं को पैदा कर रही है, जो देश ही नहीं बल्कि दुनिया में अपना लोहा मनवा रहे हैं। खैर राज्य समीक्षा का उत्तराखंड के इन हुनरमंदों को सलाम है। देखना है आगे ये सारे खिलाड़ी किस तरह का खेल दिखाते हैं।