केदारनाथ में फिर फैली दहशत, ये नजारा देखकर सन्न रह गए लोग !
Aug 11 2017 11:37AM, Writer:कपिल
केदारनाथ की वो आपदा तो आपको याद होगी. जब हजारों जानें चली गई थी। लोग हैरान रह गए थे कि आखिर महादेव को ये कैसा क्रोध आया कि समूल धरती पर हाहाकार मच गया। इस आपदा के चार साल बीच चुके हैं। सभी को लग रहा है कि अब सब कुछ शांत हो गया है। लेकिन ऐसा नहीं है। केदारनाथ आपदा के चार साल बाद भी नरकंकाल मिलते जा रहे हैं। ये सिलसिला खत्म नहीं हुआ है। गौरीकुंड में एक बार फिर से नर कंकाल मिला है। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। दरअसल कुछ दिनों से लगातार बारिश होती जा रही है। इस बीच बारिश के साथ मलबे में बहकर एक कंकाल आ गया। इस कंकाल को देखकर लोग हैरान रह गए। इसके बाद पुलिस ने इस कंकाल के डीएनए सैंपल लिए। इसके बाद ही विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया।
इसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मलबे की सफाई की मांग की । इसके साथ ही लोगों का कहना है कि इलाके में अभी और कंकाल मिल सकते हैं। गौरीकुंड में मंदाकिनी लॉज है। बृहस्पतिवार को सुबह करीब 10 बजे मंदाकिनी लॉज के पास रास्ते से दस मीटर ऊपर भूस्खलन हो गया। इससे काफी मात्रा में मलबा गिरकर रास्ते पर आ गया। इसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोग मलबे को हटाने की कोशिशों में जुट गए। तभी मलबे में हड्डी जैसी कोई चीज दबी दिखी। डंडे के सहारे मबले को हटाया तो नर कंकाल का पूरा अवशेष मिला। लोग हैरान रह गए और इलाके में आग की तरह ये खबर फैल गई। इसके तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को इस बारे में सूचना दी।
मौके पर पहुंचकर पुलिस ने कंकाल के अवशेषों को अपने पास लिया। डॉक्टरों की टीम के द्वारा इसका डीएनए सैंपल लिया गया। इसके बाद पुलिस की टीम कंकाल के अवशेष लेकर सोनप्रयाग पहुंची। सोनप्रयाग में विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव वालों का कहना है कि जिस तरह से मलबे में कंकाल मिला है, उससे संभावना है कि बस अड्डा क्षेत्र से तप्तकुंड की तरफ और भी नर कंकाल हो सकते हैं। प्रशासन से गौरीकुंड में सफाई की मांग की गई है। जून 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद से अभी तक यहां 667 नर कंकाल या फिर कंकाल के अवशेष मिल चुके हैं। बीते साल भी त्रियुगीनारायण-केदारनाथ ट्रेक पर 33 नर कंकाल मिले थे। जबकि इस साल मई में रेस्क्यू दल को 7 कंकाल मिले थे। तो सरकार को इस बारे में सोचकर एक बार फिर से वृहत सफाई अभियान चलाना चाहिए।