Video: शहीद पवन सुगड़ा के पिता बोले ‘बदला लो’, भाई बोले ‘सेना को हथियार दो’
Aug 11 2017 3:27PM, Writer:सुरेश
देश के लिए अपनी जान की कुर्बानी देने वाले शहीद का पार्थिव शरीर जब अपने गांव पहुंचा तो करोड़ों आखों से आंसू निकल पड़े। एक जवान बेटे को खोने का गम क्या होता है, ये उस मां से पूछिए जिसने नाजों से अपने लाल को पाला था। 20 साल का पवन सुगड़ा, देश की सेना का जांबाज जवान था। तीन साल पहले ही तो पवन देश की सेना में भर्ती हुआ था। परिवार में सबसे छोटा बेटा जब भी घर आता था, तो मां से ढेर सारी बातें होती थी। बेटा कहता था कि ‘मां बॉर्डर पर एक एक पल बड़ा मुश्किल होता है। हर वक्त घर की चिंता सताती है लेकिन क्या करूं मेरे लिए देश ही तो सबसे पहले है।’ मां हर बार नम आंखों से अपने बेटे को विदा करती थी। अब जब बेटा घर तिंरगे में लिपटा हुआ आया तो मां ने कभी इसकी कल्पना तक नहीं की थी। पवन उस परिवार में जन्मा था, जहां पिता भी आर्मी में ही थे। पिता से देशभक्ति का पाठ सीखा और फिर पिता की तरह ही दुश्मनों की ईंट से ईंट बजाने का दम भरा।
मंगलवार का वो दिन पवन के परिवार के लिए अमंगल बन गया, जब खबर आई कि पुंछ की कृष्णा घाटी सेक्टर में पवन स्नाइपर शॉट का शिकार हो गया। देश की रक्षा के लिए एक लिए एक लाल ने कुर्बानी दे दी। पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट के सुगड़ी गांव का रहने वाला था पवन। पिता दान सिंह सुगड़ा देश की सेना में ही थे, तो पवन भी उनके नक्शे कदम पर चल पड़ा था। इस बीच जब पवन का पार्थिव शरीर गंगोलीहाट पहुंचा तो, जन सैलाब उमड़ पड़ा। हर किसी का दिल पवन के लिए उफान मार रहा था। नम आंखों ने इस वीर जवान को विदाई दी। इस बीच पनव सुगड़ा के भाई ने एक बड़ा बयान दिया है। धीरज सुगड़ा का कहना है कि भारत सरकार को सैनिकों को आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस हथियार देने चाहिए। इसके साथ ही धीरज सुगड़ा ने कहा कि आखिर किस वजह से पास आउट होने के सिर्फ तीन महीने बाद ही पवन को बॉर्डर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में तैनाती दी गई।
धीरज पवन के बड़े भाई हैं और उन्होंने रोते हुए कहा कि ‘हमारा भाई तो चला गया लेकिन अब और किसी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।’ पवन के पिता का कहना है कि सरकार को अब पाकिस्तान को करारा जवाब देना चाहिए। इसी से उनके कलेजे की आग ठंडी होगी। पवन एक वीर जांबाज योद्धा थे। भारतीय सेना से उन्होंने हर तरह का कौशल हासिल किया था। ये वीडियो दिखा रहा है कि कैसे देश के एक वीर जवान को विदाई दी जाती है। उत्तराखंड की धरती ने देश को ऐसे कई वीर जवान दिए हैं, जिन्होंने हंसते हंसते अपनी जान कुर्बान कर दी। एक आंकड़ा बताता है कि करगिल वॉर में सबसे ज्यादा उत्तराखंड के जवानों ने शहादत दी थी। देवभूमि कही जाने वाली ये भूमि वीरों की भूमि भी है, जहां पवन सुगड़ा जैसे वीर जवान जन्म लेते हैं। अब आप ये वीडियो देखिए और हो सके तो इस खबर को शेयर जरूर करें।