शहीद पवन सुगड़ा, जाते जाते लाखों आंखें नम, और विदा हुआ मां भारती का लाल !
Aug 12 2017 9:37AM, Writer:रुद्र
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का ये ही आखिरी निशां होगा। शहीद पनम सुगड़ा पंचतत्व में विलीन हो गए। 20 साल का नौजवान चला गया। पिता उसकी चिता के सामने फूट फूट रोते रहे। भाई की आखों में रो-रोकर पानी खत्म हो गया है। बहनों ने रक्षाबंधन पर भाई की कलाई में राखी बांधी थी। वो राखी अभी उतरी भी नहीं और पवन चला गया। मां का राजदुलारा चला गया। वनन की बलिवेदी पर उत्तराखंड का एक और लाल फना हो गया। पर हम आखिर आपसे ये बात क्यों कह रहे हैं ? आज अपने दिल से सवाल पूछिए कि 20 साल का एक लड़का देश की रक्षा और आपकी रक्षा के लिए अपनी जान गंवा गया। इनता तो आप जानते होंगे कि आज के दौर में किसी का कलेजा देश की सेना के जवानों जैसे नहीं है। आपने कभी सोचा भी नहीं होगा कि आप किसी के लिए अपनी जान दे देंगे।
प्यार में खुदकुशी करने वालोंं अगर सच्ची मुहब्बत करनी है तो मुल्क से करो, मुल्क के लिए अपनी जान दो, जैसे पवन सुगड़ा शहीद हो गया। तीन साल पहले ही तो पवन देश की सेना में भर्ती हुआ था। परिवार में सबसे छोटा बेटा जब भी घर आता था, तो मां से ढेर सारी बातें होती थी। बेटा कहता था कि ‘मां बॉर्डर पर एक एक पल बड़ा मुश्किल होता है। हर वक्त घर की चिंता सताती है लेकिन क्या करूं मेरे लिए देश ही तो सबसे पहले है।’ मां हर बार नम आंखों से अपने बेटे को विदा करती थी। अब जब बेटा घर तिंरगे में लिपटा हुआ आया तो मां ने कभी इसकी कल्पना तक नहीं की थी। पवन उस परिवार में जन्मा था, जहां पिता भी आर्मी में ही थे। पिता से देशभक्ति का पाठ सीखा और फिर पिता की तरह ही दुश्मनों को मारने का दम भरा।
बहनों ने तीन दिन से अन्न का एक भी दाना नहीं लिया। मां बेसुध पड़ी अपने बेटे को याद कर रही हैं। याद रखिए अगर आप इ्स वक्त चैन की नींद सो रहे हैं तो सिर्फ इसलिए क्योंकि सीमा पर कोई आपके लिए जान की बाजी लगा रहा है। याद रखिए आप आज कोई तीज - त्योहार इसलिए मना पा रहे हैं, क्योंकि कोई आपकी खुशी की खातिर बॉर्डर पर दिन रात एक कर रहा है। याद रखिए कि आप आज ना जाने किसके गुलाम होते, वो तो भला हो देश के वीर जवानों का जो मुस्तैदी से हमारी रक्षा कर रहे हैं। पवन सुगड़ा अमरता को प्राप्त हुआ है। पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में आठ अगस्त को पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई गोलीबारी में शहीद पवन सिंह सुगड़ा स्नाइपर शॉट का शिकार बन गए थे। उनके अंतिम संस्कार के समय मौजूद हजारों लोग की आंखें नम हो गईं।