उत्तराखंड शहीद की शहादत का बदला, भारतीय सेना ने लश्कर का टॉप कमांडर मार डाला
Aug 16 2017 9:14PM, Writer:कपिल
भारतीय सेना को एक बड़ी कामयाबी मिली है। ये वो कामयाबी है जिसके लिए काफी वक्त से इंतजार किया जा रहा था। जिस आतंकी संगठन लश्कर के आतंकियों ने उत्तराखंड के लाल पवन सुगड़ा को निशाना बनाया था, उसी लश्कर के टॉप कमांडर को इंडियन आर्मी ने ढेर कर दिया है। घाटी के पुलवामा के काकपोरा इलाके के बांदेरपोरा में इंडियन आर्मी ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इंडियन आर्मी ने मुठभेड़ के दौरान खूंखार लश्कर आतंकी अयूब लाहिरी को ढेर कर दिया। खबरों की मानें तो अयूब लश्कर का रीजनल कमांडर था। अब आपको बताते हैं कि आखिर किस तरह से सुरक्षा बलों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। दरअसल इंडियन आर्मी को एक घर में तीन आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना ने अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की तरफ से फायरिंग की गई और फिर मुठभेड़ शुरू हो गई थी।
फिलहाल खबर ये है कि इंडियन आर्मी ने बाकी आतंकियों को भी घेरा हुआ है। दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग की जा रही है। इस बीच एक सीनियर पुलिस अधिकारी का कहना है कि गांव में आतंकियों की मौजूदगी की खबर मिली थी। इसके बाद 47 राष्ट्रीय राइफल्स के नेतृत्व में सेना और राज्य पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने सर्च ऑपरेशन चलाया । इसके साथ ही अधिकारी का कहना है कि इस सर्च ऑपरेशन के दौरान पहले आतंकियों ने इंडियन आर्मी पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद भारत की सेना द्वारा जवाबी कार्रवाई की गई। इसके साथ ही पुलिस अधिकारी का कहना है कि मारे गए आतंकी की पहचान टॉप लश्कर कमांडर अयूब लाहिरी के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि फिलहाल एनकाउंटर जारी है। कुल मिलाकर कहें तो उत्तराखंड शहीद पवन सुगड़ा की शहादत का बदला इंडियन आर्मी ने लश्कर के टॉप कमांडर को मारकर ले लिया।
इससे पहले खबर थी कि सीमा पार से आतंकियों का एक गुट भारत में घुसपैठ की तैयारी कर रहा है। ये सारी घुसपैठ सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ज्यादा बढ़ी हैं। लग रहा है कि भारत की तरफ से की गई एक बड़ी कार्रवाई से आतंकियों के दिलों में खौफ बरकरार है। माना जा रहा है कि आतंकी और भी बड़ी संख्या में घुसपैठ कर सकते हैं लेकिन भारतीय सेना के जवान मुस्तैद हैं। इससे पहले भारतीय सेना ने एक ऑपरेशन खत्म किया था। त्राल में जाकिर मूसा भारतीय जवानों की गोली का शिकार होने से बच गया था। वहां के लोगों ने ही भारतीय सेना का विरोध किया था, जिस वजह से इंडियन आर्मी को ये ऑपरेशन रोकना पड़ा था। लेकिन इस बार इंडियन आर्मी के इरादे साफ थे। इलाके को पहले घेरा गया और इसके बाद बड़ी कार्रवाई की गई। आखिरकार लश्कर का टॉप कमांडर अयूब मारा गया है।