image: Rescue operation continues in pithoragarh

कांप उठा उत्तराखंड, पिथौरागढ़ में 40 लोगों के मरने की खबर, 12 शव बरामद !

Aug 17 2017 10:22AM, Writer:सुनील

प्रकृति ने यूं तो उत्तराखंड को कई तोहफे दिए हैं। कई मनमोहक नजारे दिए हैं, लेकिन जब ये ही प्रकृति कहर बरपाती है तो विनाश ही होता है। उत्तराखंड ऐसे विनाशकारी पलों को कई बार झेल चुका है। हाल ही में पिथौरागढ़ में जो हुआ वो हैरान तो करता ही है, साथ ही रूह कंपा देता है कि आखिर किस तरह से कुदरत के कहर से ये जगह हलकान हो गई। आपको याद होगा कि बादंल फटने से यहां भआरी तबाही मची थी। मालपा और मांगती घटियाबगड़ में हर तरफ तबाही और बर्बादी के ही निशान नजर आ रहे हैं। बदहवास लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में इधर उधर भटक रहे हैं। अपनों की तलाश में आंसू खत्म होने का नाम नहीं रहे। जैसे जैसे वक्त बीत रहा है, वैसे वैसे यहां से मानव अंग मिल रहे हैं। रूह कांप जाती है ऐसे नजारे देखकर। इस इलाके से अब तक 12 लोगों के शव बरामद किए गए हैं।

नौ लोगों की शिनाख्त हो सकी है। अब बताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या 40 से ज्यादा होने की गुंजाइश है। कितनी भयानक रात रही होगी वो, जब कहर बनकर आसमान टूट पड़ा और लोगों की जिंदगी लील कर गया। सेना के एक जेसीओ समेत 6 जवानों का पता नहीं चल सका है। इसके अलावा 30 लापता लोगों में 11 लोगों के के नाम और पते की पुष्टि कर ली गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को एयर लिफ्ट कराकर घटना स्थल पर पहुंचा दिया गया है। सोमवार का वो काला दिन जब मालपा में बादल फटा तो तीन होटल और कई दुकानें ताश के पत्तों की मानिंद ढह गए। घटियाबगड़ में सेना का कैंप देखते ही देखते तबाह हो गया था। खोजबीन ते लिए सेना की तरफ से हेलीकॉप्टर लगाए गए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम को एयरलिफ्ट कराकर उतारा गया।

आपदा के 42 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन मृतकों की संख्या को लेकर परेशान है। स्थानीय लोग लगातार अपनों के गायब होने की सूचनमा दे रहे हैं। ऐसे में ये तो साफ हो जाता है कि इस तबाही में मरने वालों का आंकड़ा बड़ा है, जबकि प्रशासन कुछ और ही आंकड़े पेश कर रहा है। हालांकि प्रशासन ने सेना के 6 जवानों के लापता होने का दावा किया। फिलहाल रास्ते को ठीक करने का काम जारी है। इस बीच खबर है कि मलबे से पति-पत्नी समेत तीन शव बरामद हुए हैं। पति-पत्नी की शिनाख्त स्थानीय निवासी के रूप में ही हुई है। भारतीय सेना, आइटीबीपी और एसएसबी की 11 वीं और 55 वीं कंपनी राहत कार्यो मे लगी हुई है। इस बीच मृतकों के परिजनों ने मुआवजे की मांग भी शुरू कर दी है।


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