image: Narendra singh bisht final journey in dehradun

उत्तराखंड शहीद की बेटी का पीएम मोदी से सवाल, ‘पाकिस्तान से आर-पार की जंग कब ?’

Aug 17 2017 3:06PM, Writer:मीत

सीमा पर सैनिकों के शहीद होने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन किया गया था। इस दौरान उत्तराखंड के सपूत हवलदार नरेंद्र सिंह बिष्ट के सिर पर गोली लगी थी। इसके बाद नरेंद्र सिंह बिष्ट को इलाज के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुद्धवार की सुबह नरेंद्र सिंह बिष्ट की सांसों ने उनका साथ छोड़ दिया था। 16 अगस्त को नरेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो परिवार में मातम मच गया। शहीद नरेंद्र सिंह बिष्ट उत्तराखंड के चमोली जिले के नाखोली गांव के रहने वाले थे। ये गांव नारायणबगड़ ब्लॉक में पड़ता है। फिलहाल नरेंद्र सिंह बिष्ट का परिवार देहरादून में रहता है। नरेंद्र सिंह चौथी गढ़वाल से थे। फिलहाल नरेंद्र सिंह की पोस्टिंग कश्मीर के उड़ी सेक्टर में थी। रक्षाबंधन का वो दिन जब पाक की तरफ से फायरिंग की गई थी। इस फायरिंग में नरेंद्र बुरी तरह से घायल हो गए थे।

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी नरेंद्र सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी। सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि नरेंद्र सिंह के परिवार के साथ उत्तराखंड सरकार खड़ी है। गुरुवार को नरेंद्र सिंह बिष्ट का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर उनकी बेटी भी मौजूद थीं। उनकी बेटी ने कहा कि ‘ये गर्व की बात है कि मेरे पिता देश के लिए शहीद हुए हैं।’ इसके साथ ही उनकी बेटी ने सरकार से सवाल पूछा कि ‘आखिर कब तक पाक से हम इस तरह की लड़ाई लड़ेंगे ? अगर पाक में अगर हिम्मत है तो आमने-सामने की लड़ाई क्यों नहीं लड़ता ? आखिर कब हम पाक से आर-पार की जंग लड़ेंगे ? उत्तराखंड की इस बेटी को देश भर से प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। देखा जा रहा है कि कश्मीर में पाक की सेना लगातार छिप छिपकर वार कर रही है। पाक से आए आतंकी लगातार घुसपैठ कर रहे हैं और भारतीय सेना के जवान आतंकियों का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।

हाल ही में भारतीय सेना ने पाक के टॉप लश्कर कमांडर अयूब लाहिरी को भी मार गिराया था। पुलवामा के काकपोरा इलाके के बांदेरपोरा में भारतीय सेना ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इंडियन आर्मी ने मुठभेड़ के दौरान खूंखार लश्कर आतंकी अयूब लाहिरी को ढेर कर दिया। खबरों की मानें तो अयूब लश्कर का रीजनल कमांडर था। दरअसल इंडियन आर्मी को एक घर में तीन आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना ने अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की तरफ से फायरिंग की गई और फिर मुठभेड़ शुरू हो गई थी। इतना जरूर है कि पाकिस्तान की तरफ से आए आतंकियों भारतीय सेना लगातार मौत की नींद सुला रही है। लेकिन पाक की इस हरकत से भारतीय जवान भी शहीद हो रहे हैं। उत्तराखंड के शहीद नरेंद्र सिंह बिष्ट इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। इसलिए सरकार से उनकी बेटी ने सवाल किया है कि आखिर ऐसा कब तक चलेगा ?


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