अब उत्तराखंड पर चीन का निशाना, चरवाहों ने किया है बड़ा खुलासा !
Aug 18 2017 2:10PM, Writer:सुरेश
डोकलाम से चीन लगातार अपना ध्यान हटा रहा है। या यूं कहें कहें कि वो भारतीय सेना को डोकलाम में बिजी रखकर कहीं और से घुसपैठ की प्लानिंग कर रहा है। हम आपको पहले भी बता चुके हैं कि डोकलाम में भारतीय सेना चीन से बेहतर पोजीशन में है और इस वजह से चीन वहां कुछ हरकत नहीं कर सकता। लेकिन अब चीन ने भारत के कुछ और हिस्सों पर कब्जा करने की प्लानिंग तैयार की है। चीन का निशाना एक बार फिर से उत्तराखंड है। जी हां आपको याद होगा कि इससे पहले भी उत्तराखंड के चमोली जिले में चीन अपनी चहलकदमी बढ़ा चुका है, जब चमोली से सटी सीमा पर हिंदुस्तान के क्षेत्र में चीन के दो हेलीकॉप्टर देखे गए थे। अब सवाल ये है कि चीन यहां क्या कर रहा है। कुछ चरवाहों के जरिए इस बात का खुलासा हुआ है कि चीन इस क्षेत्र में अपनी चहलकदमी बढ़ाता जा रहा है। आप ये रिपोर्ट पढ़कर हैरान रह जाएंगे। जानिए अब क्या हो रहा है।
दरअसल चमोली की सीमा पर भेड़ बकरियों को चराने के लिए हर साल चरवाहे एक खास मौसम के दौरान वहां जाते हैं। ये वो मौसम होता है, जब भेड़ बकरियों के लिए घास के मैदानों में मुलायम घास उगती है। लेकिन इस बार बताया जा रहा है कि चरवाहे वक्त से पहले ही वापस लौट आए हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि चीन के सैनिकों की तरफ से इन चरवाहों को धमकी दी गई और वापस भेजा गया है। इस धमकी के बाद आईटीबीपी के जवानों ने चरवाहों को वापस भेजा। हालांकि अब तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जिला प्रशासन इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ रहा है। जोशीमठ के एसडीएम का कहना है कि हर साल चरवाहों को सीमावर्ती इलाकों में जाने की परमीशन दी जाती है। अब चरवाहे लौट रहे हैं या नहीं इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। आम तौर पर देखा जाता है कि चरवाहे सितंबर के आखिर में जब सर्दियां शुरू होती हैं, तो वापस लौटते हैं।
लेकिन इस बार अगस्त में ही वो वापस लौट आए हैं। कई एक्सपर्ट्स इसे हिंदुस्तान और चीन के बीच तनातनी का कारण बता रहे हैं। खबर तो यहां तक है कि कुछ वक्त पहले चीन के सैनिकों ने बाड़ाहोती इलाके में चरवाहों को धमकाया और उनके तंबू उखाड़ फेंके। हालांकि चरवाहे इस बात के बारे में सीधे नहीं बता रहे, लेकिन वो ये मान रहे हैं कि सीमा पर तनातनी बढ़ रही है। दैनिक जागरण में एक रिपोर्ट छपी है, जिसके मुताबिक एक चरवाहे ने बताया है कि इस बार सीमा पार से काफी हलचल देखने को मिल रही है। उसी चरवाहे ने बताया है कि सीमा पार से चीनी सैनिकों ने ही बुग्याल से बाड़ाहोती नाले के पार जाने की धमकी दी है। इस अखबार ने एक और चरवाहे की बात को प्रमुखता से लिखा है कि सीमा पर सब-कुछ ठीक नहीं चल रहा है। तो सवाल ये है कि क्या अब पहाड़ भारत और चीन के बीच जंग का मैदान बनने जा रहे हैं ?