Video: हरिद्वार जा रही कलिंग-उत्कल रेल दुर्घटनाग्रस्त, घायलों में उत्तराखंड के भी कुछ लोग !
Aug 19 2017 7:41PM, Writer:कपिल
एक बार फिर से एक रेल हादसे ने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। यूपी के मुजफ्फरनगर के खतौली के पास एक रेल हादसा हो गया है। कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के 6 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए हैं। हादसे के फौरन राहत और बचाव काम शुरू हो गया है। एनडीआरएप की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। घटना के बारे में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने भी जानकारी मांगी है। इस घटना के पीछे किसी साजिश की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। बता दें कि यूपी में इसी तरह से पहले भी रेल हादसे हो चुके हैं। कलिंग-उत्कल रेल हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मुजफ्फरनगर के पास खतौली में हुए रेल हादसे के बारे में जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक जहां पर ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरे , वहां पर पटरी टूटी पाई गई है। इसी को देखते हुए साजिश की आशंका जताई जा रही है।
हादसे में शुरुआती जानकारी के मुताबिक 30 लोगों के घायल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि घायलों में उत्तराखंड के भी कुछ लोग शामिल हैं। ये कितने लोग हैं अभी ये खबर सामने नहीं आई है। हादसा कितना खतरनाक था इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हादसे के बाद कलिंग-उत्कल ट्रेन के डिब्बे एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए। हादसा शाम के करीब 5 बजकर 50 मिनट पर हुआ था। एक डिब्बा तो रेलवे ट्रैक के पास बने घर की दीवार को तोड़ता हुआ घर के अंदर तक घुस गया था। हादसे के फौरन बाद सरकार की तरफ से राहत और बचाव काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे की तरफ से हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया गया है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद घटना स्थल पर प्रशासनिक अमला पहुंचने लगा है।
वहीं यूपी एटीएस की टीम भी डीएसपी अनूप सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। घटनास्थल पर मेडिकल वैन रवाना की गई हैं। पीड़ितों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि ये ट्रेन पुरी से हरिद्वार जा रही थी। दुर्घटना के बाद सबसे पहले सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं अंधेरे के चलते राहत कार्यों में देरी हो रही है। हादसे के पीछे साजिश से इंकार नहीं किया जा रहा है क्योंकि रेल की पटरियां टूटी हुई मिली हैं। बता दें कि कानपुर के पास पुखरायां में भी पिछले साल इसी तरह का हादसा हुआ था। इसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ सामने आया था। एनआईए इसकी जांच कर रही ह। देखना होगा कि जांच में क्या निकलकर सामने आता है।