image: Manglesh ghildiyal and ajay kothiyal doing there best job

पहाड़ों के दो सुपरस्टार, देश देख रहा है बदलता उत्तराखंड !

Aug 23 2017 3:45PM, Writer:मीत

पहाड़ बदल रहे हैं, उत्तराखंड बदल रहा है। दो चेहरों ने पूरे उत्तराखंड की तस्वीर ही बदल डाली है। कहते हैं कि उत्तराखंड की जान पहाड़ों में बसी है और पहाड़ों को बदलने का काम ये दो चेहरे कर रहे हैं। हर जगह आज ये दो चेहरे चर्चा का सबब बने हैं। जिसे देखिए इनके नाम की चर्चा कर रहा है। आज पहाड़ बदल रहे हैं तो इनमें इन दो चेहरों का बड़ा योगदान है और इससे कोई इनकार नहीं कर सकता। एक हैं रुद्रप्रयाग के ज़िलाधिकारी मंगलेश घिल्डियाल, जो कि सिविल सोसाइटी में दक्ष अधिकारी माने जाते हैं। और दूसरे हैं कर्नल अजय कोठियाल , जो भारतीय सेना से सम्मानित और सामाजिक कार्यों में दक्ष हैं। 2000 में बने इस छोटे से राज्य उत्तराखण्ड का इतिहास बडा ही उतार-चढ़ाव वाला रहा। यहां की संस्कृति और आम जनता बहुत ही सरल और सहज रही है। राजनीति की वजह से पहाड़ पूरी तरह से बर्बाद रहे।

लेकिन अब तस्वीर बदल रही है और कुछ उम्मीद की किरण इस ओर आती हुई नजर आ रही। सबसे पहले मंगलेश घिल्डियाल की बात करते हैं। ये रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी हैं। वो रूद्रप्रयाग जिले में हर व्यक्ति की मदद के लिए आगे आते हैं। छात्रों की मदद करते हैं। यहां तक कि उन्होंने एक स्कूल में अपनी पत्नी को इसलिए पढ़ाने के लिए भेजा क्योंकि वहां कोई टीचर नहीं था। उनकी पत्नी निशुल्क इस स्कूल में पढ़ा रही हैं और छात्रों का भविष्य सुधार रही हैं। सामाजिक परिवेश में फैली अराजकता, सरकारी कार्यों की सटीक समीक्षा, सरकारी कार्य प्रणाली का सुधारीकरण , शिक्षा व्यवस्था में उचित व्यवस्था और सुधारीकरण जैसे कामों में मंगलेश अपना तन मन धन सब कुछ लगा रहे हैं। उधर दूसरे चेहरे हैं कर्नल अजय कोठियाल। आर्मी का ये ऑफिसर कीर्ति चक्र,शौर्य चक्र, विशिष्ट सेवा मेडल जैसे बड़े सम्मानों से सम्मानित हो चुका है।

इसके बाद भी उत्तराखण्डी परिवेश को प्यार करने वाले इस शख्स ने खुद को पहाड़ों के लिए समर्पित कर दिया है।अलग अलग जिलों में कर्नल कोठियाल ने भर्ती कैंप खोले और युवाओं को प्रशिक्षण दिया। गरीब, असहाय और जटिल बिमारियों से ग्रसित आम लोगों को निःशुल्क उपचार दिया। केदारनाथ की आपदा आपको याद होगी। श्मशान बने इस देवस्थान को सुधारने में कर्नल कोठियाल ने जी तोड़ मेहनक की और एक बार फिर से इसे देवभूमि का स्वरूप दिया। यहां तक कि खबर है कि कर्नल कोठियाल अब आर्मी में ब्रिगेडियर पद पर प्रमोशन नहीं लेंगे बल्कि जनसेवा में ही लगे रहेंगे। ये दो ऐसे चेहरे हैं जो सिर्फ काम करने पर यकीन रखते हैं। ये दो ऐसे चेहरे हैं जो कभी भी दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। ये दो चेहरे आज समाज का आईना बदल रहे हैं और इन दो पहाड़ियों को राज्य समीक्षा की टीम सलाम करती है।


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