image: Harish rawat and prakash pant war on twitter

उत्तराखंड के दो दिग्गजों की टक्कर, हरीश रावत की बाउंसर पर प्रकाश पंत का सिक्सर !

Aug 28 2017 11:29AM, Writer:नलिन

पूर्व सीएम हरीश रावत आजकल सोशल मीडिया पर बड़े एक्टिव दिख रहे हैं। वो अपनी हर एक अपडेट सोशल मीडिया पर डालते हैं और इसके साथ ही सरकार पर निशाना साधने से भी नहीं चूकते। आजकल देवभूमि में एक तरह की सोशल वॉर चल रही है। पूर्व सीएम अपनी उपलब्धियां गिनाते जा रहे हैं और वर्तमान सीएम के कामं पर उंगली उठा रहे हैं। इस बार सोशल मीडिया पर ये भिडंत पूर्व सीएम हरीश रावत और संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत के बीच होती दिख रही है। अब आपको बताते हैं कि आखिर से मसला और विवाद कहां से शुरू हुआ है। इससे पहले पंत ने पेयजल निगम के एमडी के कथित स्टिंग की जांच सीबीआइ या फिर एसआइटी से कराने की बात कही थी। इसके लिए पंत ने बरकायदा सीएम त्रिवेंद्र को पत्र भी भेजा था। आपको बता दें कि प्रकाश पंत पेयजल मंत्री भी हैं और इलके साथ ही वित्त मंत्री का प्रभार भी उन्हीं के पास है।

जब प्रकाश पंत ने सीएम त्रिवेंद्र को पत्र लिखा तो इसके बाद पूर्व सीएम भी एक्टिव हो गए। हरीश रावत ने प्रकाश पंत को चालाक खिलाड़ी करार दिया। लेकिन इसके बाद भी पंत ने ईंट का जवाब पत्थर से ही दिया है। आपको बता दें कि तीन दिन पहले मीडिया में एक कथित स्टिंग आया। इस स्टिंग में पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक को ब्लैकमेल करने के साथ ही एक मंत्री के आवास को चमकाने की खबर आई थी। ये सब सरकार के सामने आया तो परेयजल मंत्री ने इसकी जांच सीबीआई से करवाने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने निगम के एमडी को कहीं और ट्रांसफर करने की बात बात लिखी। बस फिर क्या था, पूर्व सीएम हरीश रावत ने पंत के पत्र पर ही हमला बोल दिया। रावत ने ट्वीट किया कि 'शाबाश, आपने चतुर राजनीतिक खिलाड़ी की तरह गेंद को आगे के कोर्ट में डाल दिया।’

आगे हरीश रावत ने लिखा है कि ‘आपके विभाग के अधिकारी का स्टिंग है, आप चाहते तो फाइल पर उनके खिलाफ एक्शन, जिसमें सीबीआइ जांच भी है, रिकमंड कर सकते थे। अंदाज बड़ा प्यारा है, साफ सुथरे भी दिखाई दें और एक्शन भी कुछ न करना पड़े।' बस हरीश रावत ने ये ट्वीट किया और इसके बाद तो प्रकाश पंत भी एक्टिव हो गए। पंत ने ट्वीट किया, 'ये पत्र आपकी तरफ से अपनी सरकारों को लिखे गए पत्रों के समान नहीं है।’ इसके साथ ही पंत ने लिखा कि ‘गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए मामले की एसआइटी जांच कराने की बात सीएम से कही गई है। कुल मिलाकर कहें तो इस वक्त त्तराखंड की राजनीति में एक स्टिंग ने वैसे ही भूचाल मचाया है और अब दो दिग्गजों के बच इस नोंकझोक की वजह से और बड़ा बवाल मच रहा है।


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