उत्तराखंड में आजादी के बाद पहली बार, इस गांव में पहुंचा ये ‘शेरदिल’ डीएम !
Aug 28 2017 3:53PM, Writer:कपिल
देश को आजादी मिले 70 साल हो गए हैं। लेकिन उत्तराखंड के एक गांव में अब तक कोई जिलाधिकारी नहीं गया था। लेकिन अब वक्त बदल रहा है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के डीएम मंगलेश घिल्डियाल ने एक बार फिर से इतिहास रचा है। जी हां हम बात कर रहे हैं विकासखंड अगस्त्यमुनि के अखोड़ी गांव की। जहां ग्रामीणों ने पहली बार किसी जिलाधिकारी को देखा। मंगेश घिल्डियाल देश के पहले ऐसे जिलाधिकारी है, जो अखोड़ी गांव पहुंचे। मंगलेश ने यहां जनता दरबार रखा और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। खास बात ये है कि जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से गढ़वाली में ही पूरा संवाद किया। पहली बार अपने गांव में किसी डीएम को देखकर ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखी। आलम ये था कि गांव पहुंचे डीएम मंगेश घिल्डियाल का पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भव्य स्वागत किया गया।
इसके साथ ही खास तरह के भोज का आयोजन किया गया। गांव वालों को उम्मीद जगी है कि पहली बार गांव में कोई डीएम आया है तो विकास होगा। मंगलेश घिल्डियाल ने जब गांव वालों से गढ़वाली में संवाद किया, तो ग्रामीण गद्गद हो गए। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस दौरान डीएम ने जनता दरबार में 40 शिकायतें दर्ज की। 40 में से 10 शिकायतों का मौके पर ही हल निकाला गया। डीएम ने कहा कि ये क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि यहां की सुंदरता और उपजाऊ भूमि का भरपूर उपयोग करें। ग्रामीणों को कृषि से संबंधित और भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी कहा गया। मंगलेश घिल्डियाल के साथ स्थानीय विधाक मनोज रावत भी थे। उन्होंने कहा कि भणज, कार्तिक स्वामी, मक्कू, थौरतुंगनाथ, चोपता जैसे पैदल ट्रैक मार्गों को विकसित किया जाएगा।
इसके साथ ही इन मार्गों पर रोजगार के साधन भी जुटाए जाएंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने मोटरमार्ग के घटिया निर्माण और डामरीकरण की शिकायत की। इसके तुरंत बाद ही डीएम ने परियोजना निदेशक के नेतृत्व में जांच समिति का गठन किया। डीएम ने कहा कि जल्द से जल्द दोनों कार्यों की जांच हो। दरअसल मंगलेश घिल्डियाल आज सिर्फ डीएम नहीं बल्कि पहाड़ों के लिए एक उम्मीद बन गए हैं। अपने कामों की वजह से वो बेहद ही लोकप्रिय हो गए हैं। रुद्रप्रयाग जिले की जनता की नजर में वो रियल लाइफ सिंघम हैं, जो हर समस्या का समाधान मौके पर ही कर देते हैं। इससे पहले मंगलेश ने जनता को सुविधा पहुँचाने के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग में ई-रिक्शा की शुरूआत की है। अब रुद्रप्रयाग में कलेक्ट्रेट और विकास भवन जाने वाले गरीब लोगों की आवाजाही की दिक्कतों को देखते हुए रुद्रप्रयाग में भी ई रिक्शा चलेंगे।