राम रहीम को 20 साल की सजा, अलर्ट पर उत्तराखंड, 20 हजार भक्त निशाने पर !
Aug 28 2017 5:04PM, Writer:कपिल
हिंदुस्तान को आखिरकार एक ढोंगी बाबा से छुटकारा मिल गया। 28 अगस्त, सोमवार का दिन, दोपहर साढ़े तीन बजे का वक्त देश की न्यायपालिका के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। ये वो दिन है जब एक और बवाली बाबा से देश को मुक्ति मिली है। वो बवाली बाबा जिस पर ना जाने कितनी महिलाओं से यौन शोषण के आरोप हैं। वो बवाली बाबा जिसने सैकड़ों साधुओं को नपुंसक कर दिया था। वो बाबा कोर्ट के सामने रोता रहा, जान की भीख मांगता रहा। लेकिन कानून की एक बार फिर जीत हुई। इसके साथ ही बाबा राम रहीम को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुना दी। कोर्ट में जो कुछ कुछ हुआ वो हैरान करने वाला भी था। बाबा के वकील का कहना था कि वो समाजसेवी हैं, इसलिए जज को इस मामले में रहम दिखानी चाहिए। वाह..ये कैसी अजीब सी रवायत है बाबागीरी की ?
एक तरफ यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप और दूसरी तरफ समाजसेवा का छद्म आवरण पहने बाबा के लिए रहम मांगी जा रही है। कोर्ट में करीब 1 घंटे तक ये कार्रवाई चली। दोनों पक्षों को अपनी बात रखने के लिए 10-10 मिनट का वक्त दिया गया था। जेल के आसपास किसी भी संदिग्ध के दिखने पर तुरंत गोली मार देने के आदेश दे दिए गए थे। कुल मिलाकर कहें तो हर तरफ सुरक्षा चाक चौबंद थी। लेकिन एक सवाल ये भी है कि आखिर कब तक हिंदुस्तान ऐसे बाबाओं के जाल में फंसता रहेगा ? आखिर कब तक अंधभक्ति में डूबे लोग इस तरह से एक बाबा के लिए पागल होते रहेंगे। 21 वीं सदी में देश लगातार तरक्की कर रहा है। आस्था और अंधविश्वास के बीच एक बेहद ही महीन लकीर होती है। आस्था क्या है ये हम अच्छी तरह से जानते हैं लेकिन कभी कभी आस्था हमें ऐसा उग्र भी बना देगी, शायद इस बारे में हमने कभी नहीं सोचा होगा।
देश के कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी है। इसके साथ ही उत्तराखंड में एक बार फिर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त फैसला सुनाया गया, उस वक्त कर्फ्यू होने के बाद भी हिंसा जारी रही। कई जगह गाड़ियों में आग लगा दी गई। उत्तराखंड में राम रहीम के 20 हजार समर्थक हैं और वो भी किसी भी वक्त बड़ी हरकत को अंजाम दे सकते हैं। यानी जगह जगह बाबा के अंधभक्त एक बार फिर से उग्र हो गए थे। हालांकि कोर्ट द्वारा पहले भी साफ किया जा चुका है कि जितना भी नुकसान होगा, राम रहीम की प्रॉपर्टी को बेचकर उसकी भरपाई की जाएगी। अगर ये कहें कि बाबा से खतरनाक ये बवाली भक्त भी होते जा रहे हैं तो गलत नहीं होगा। देश की न्याय व्यवस्था ने ये साबित कर दिया है कि गुनाह गुनाह ही होता है। चाहे फिर गुनहगार कोई छोटा इंसान हो, या फिर बड़ा। आज देशभर में कोर्ट के फैसले की जमकर तारीफ हो रही है।