जय देवभूमि: स्विट्जरलैंड के अमीर घराने का लड़का, उत्तराखंड में बना आशुतोष महाराज !
Aug 29 2017 11:13AM, Writer:सरेश
उत्तराखंड की महिमा, उत्तराखंड की चर्चाएं देश ही नहीं विदेशों तक फैली हैं। हर कोई आज के वक्त में ये जानना चाहता है कि आखिर उत्तराखंड की धरती में ऐसी क्या शक्ति है कि हर को यहां खिंचा चला आता है। पूरब की लाली पश्चिम पर ऐसी छा रही है कि पूछिए मत। इस बीच हम एक कहानी आपको बताने जा रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको गर्व होगा कि आप देवभूमि में हैं। क्या आप यकीन कर सकते हैं कि स्विट्जरलैंड जैसे मुल्क का रहने वाला स्ट्राबल नाम का शख्स आज उत्तराखंड में आशुतोष नाम से रह रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि आशुतोष वैदिक ज्ञान का भंडार है। उसने आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत रखा है। कैमिकल इंजीनियरिंग को छोड़ा और अपना सब कुछ देवभूमि के लिए समर्पित कर दिया। उत्तराखंड ही उनका घर बन गया।
स्ट्राबल ने पहले वेदों का ज्ञान लिया, इसके बाद ज्योतिष शास्त्र में निपुणता हासिल की, ग्रहों की गणना करना सीखा और आखिर में उत्तराखंड के लिए क यादगार काम कर दिया। आज आशुतोष उर्फ स्ट्राबल ने वेदों और गूता के प्रचार प्रसार के लिए वेद विद्यालय खोला है। केवल एक जगह नहीं बल्कि दो जगह स्ट्राबल के वेद विद्यालय चल रहे हैं। पहला वेद विद्यालय कुमाऊं के कौसानी में खोला गया था। अब दूसरा वेद विद्यालय उत्तरकाशी के गजौली गांव में खोला गया है। इस विद्यालय में 36 छात्र निशुल्क अध्ययन कर रहे हैं। अगर आप भी कभी उत्तरकाशी से 15 किलोमीटर आगे गजौली गांव जाएंगे तो वहांवेद मंत्रों के स्वर आपको एक पल के लिए हैरान कर देंगे। वेदोंकी ऋचाओं का पा आपको मंत्रमुग्ध कर देगा और खास बात ये है कि इस अलौकिक वातावरण में आप खुद को स्वर्ग में पाएंगे।
आपको लगेगा कि जैसे वैदिक युग के किसी गुरुकुल में पहुंच गए हों। स्ट्राबल उर्फ आशुतोष कहते हैं कि 1975 से ही उन्हें भारतीय संस्कृति ने अपनी कतरफ खींच लिया था। उन्हंने वेद, पुराण और गीता का अध्ययन किया। वो कैमिकल इंजीनियर से योग शिक्षक बन गए। 1997 में वो भारत आए और सीधा उत्तराखंड चले आए। वो कहते हैं कि देवभूमि की छटा दुनिया में सबसे बेहतर है। यहां तक कि स्विट्जरलैंड भी ऐसा नहीं है। हैरानी की बात तो ये है कि आशुतोष किसी से अनुदान नहीं लेते । वो कहते हैं कि वेदों की शिक्षा ही दनिया में सबसे बड़ी शिक्षा है। इसके बिना मनष्य का जीवन व्यर्थ है। खास तौर पर अगर आप उत्तराखंड की धरती पर हैं तो वेदों का ज्ञान लीजिए, ये ही आत्मा को शांति प्रदान करता है और जीवन के स्तर को उच्च बनाता है।