पहाड़ का कलेजा चीरने वाले गुड़िया गैंगरेप केस में बड़ी कार्रवाई, बड़े पुलिस अधिकारी अरेस्ट
Aug 29 2017 8:57PM, Writer:प्रगति
शिमला गैंगरेप केस तो आपको याद ही होगा। ये वो केस था जिसके बाद ये खबर आग की तरह पूरे देश में फैल गई थी। 6 जुलाई 2017 का वो दिन देश नहीं भूल सकता, जब शिमला के कोटखाई के जंगल में गुड़िया का शव मिला था। पुलिस ने बलात्कार के बाद हत्या की जताई आशंका जताई थी। इसके बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि हुई थी। इसके बाद दो हिमाचल समेत, पंजाब, उत्तराखंड और पूरे देश में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। आखिरकार इस रेप केस में CBI ने एक्शन लिया है। आईजी और डीएसपी समेत 8 लोगों को इस केस में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया है। अब आपको बताते हैं आखिर इस मामले में ये गिरफ्तारियां क्यों की गई हैं। दरअसल एक आरोपी की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। हिमाचल प्रदेश की हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को 23 जुलाई को जांच सौंपी थी।
कोर्ट ने कहा था कि एक आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत होना कई सवाल खड़े करता है। इस गैंगरेप के मामले में मुख्य आरोपी राजिंदर सिंह समेत सुभाष बिष्ट, आशीष चौहान, सूरज सिंह, दीपक कुमार और लोकजन को अरेस्ट किया गया था। मामले में एक आरोपी की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। इस मामले में CBI का कहना है कि 'आईजी, डीएसपी और अन्य पुलिसकर्मियों को शक के आधार पर अरेस्ट किया गया है। इसके साथ ही सीबीआई का कहना है कि जांच के बाद ये पता चल पाएगा कि ये लोग इस मामले में शामिल हैं या नहीं।' इस घृणित रेप केस के बाद पूरे देश में पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाया गया था। आपको बता दें कि शिमला जिला पुलिस ने 6 जुलाई से मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। पुलिस के तत्कालीन एसपी डीडब्ल्यू नेगी खुद मौके पर कोटखाई पहुंचे थे।
बाद में हिमाचल सरकार ने 10 जुलाई को एसआईटी का गठन किया और जांच एसआईटी को सौंपी थी। सीबीआई को जांच 23 जुलाई को ट्रांसफर हुई थी। इससे पहले 19 जुलाई को कोटखाई थाने में एक आरोपी की पुलिस हिरासत में हत्या हो गई। इसके बाद जनता ने थाने को घेरा, आग लगाने की कोशिश की थई, जिसमें कई पुलिस वाले घायल हो गए थे। इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और स्थानीय लोगों के ब्लड सैंपल लिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाकर पूछा था कि मामले की जांच रिपोर्ट कब तक आएगी ? आखिरकार अब आईजी जहूर जैदी समेत आठ पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। गुड़िया गैंगरेप के बाद दिल्ली में कई जगह कैंडल मार्च भी हुए थे। हिमाचल समेत, उत्तराखंड के देहरादून में भी ये आग फैली थी और आंदोलन हुए थे।