फिर एक्शन में उत्तराखंड का सिंघम, 'बेईमानों' में खौफ, पहाड़ों में छाई खुशी !
Aug 30 2017 9:06PM, Writer:कपिल
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगलेश घिल्डियाल अपने कामों को लेकर चर्चाओं में हैं। हैरानी की बात तो ये है कि ये जिलाधिकारी किसी भी हाल में खामोश नहीं हैं। एक शिकायत पर तुरंत एक्शन लेने वाले इस अधिकारी की वजह से पहाड़ों के लोग काफी खुश हैं। कभी ऐसे गांव में चले जाना, जहां आजादी के बाद से कोई डीएम नहीं गया और कभी भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेकर ये जिलाधिकारी सभी में लोकप्रिय हो रहे हैं। इस बीच मंगलेश घिल्डियाल द्वारा नगरासू पेयजल योजना एवं कोटेश्वर पेयजल योजना का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने नगरासू ग्राम सभा के अन्तर्गत ग्राम नगरासू भट्गांव बने जलसंस्थान द्वारा पेयजल योजना और टैंकों का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने गांव को पानी सप्लाई करने वाले टैक का ढक्कन खोल कर बकायदा देखा।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि गांव में पानी पर्याप्त मात्रा में है लेकिन गांव के ऊपरी हिस्से में पानी की आपूर्ति नही हो पा रही है। ग्रामीणो ने बताया कि स्रोत से विभाग द्वारा सीधी पाइप लाइन आ जाती तो गांव के ऊपरी हिस्से को भी पानी मिल सकता है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि गांव की सिंचाई नहर में पानी नहीं आ रहा है और कई जगह पर नहर बन्द पड़ी है। जिससे खेतो में रोपाई का काम नहीं हो पा रहा है। नगरासू के ग्रामीणों द्वारा नलकूप विभाग द्वारा बनाई गई पम्पिंग योजना खराब होने की शिकायत की गई कि पम्पिंग योजना से भरपूर पानी की आपूर्ति नही हो पा रही। इस पर जिलाधिकारी ने तुरंत नगरासू पंम्पिग योजना का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। नगरासू के ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि सिंचाई नहर पर पानी नही आ रहा है।
इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर सहायक अभियन्ता सिंचाई विभाग को बुलाकर एक महीने के भीतर सिंचाई नहर का पानी सुचारू रूप से आपूर्ति करने के निर्देश दिये। इसके बाद जिलाधिकारी ने जलसंस्थान द्वारा कोटेश्वर पेयजल योजना के अन्तर्गत निर्मित टैक का निरीक्षण किया गया। टैक का टक्कन खोल कर पानी की सप्लाई का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने पानी के टैक पर पेन्ट नहीं किये जाने पर नाराजगी व्यक्त की गयी। ऐसे छोटे छोटे काम ही लोगों के दिल में बस जाते हैं। इतना तो जरूर है कि नाकारा अधिकारियों के लिए ये डीएम किसी यमराज से कम नहीं। पहाड़ों के लिए मंगलेश लगातार काम करते जा रहे हैं और इस वजह से लोगों के लिए सिंघम बन गए हैं। हाल ही में पहाड़ों में पहली बार मंगलेश घिल्डियाल ने ई-रिक्शा की भी शुरुआत की है। सलाम है ऐसे जिलाधिकारी को।