उत्तराखंड के लिए एक्शन में पीएम मोदी, अधिकारियों से मांगा हर काम का हिसाब
Aug 31 2017 7:58AM, Writer:सुरेश
उत्तराखंड पर पीएम मोदी लगातार नजर बनाए हुए हैं। पीएम मोदी इस बार देवभूमि में किए गए हर काम की समीक्षा राज्य सरकार से ले रहे हैं। एक बार फिर से पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तराखंड की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिग में उत्तराखंड के मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने पीएम मोदी को बताया कि नगीना-काशीपुर नेशनल हाईवे सड़क निर्माण के लिए भूमि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हस्तांतरित कर दी गई है। इस हाईवे में 31 गांवों के 36 किलोमीटर का मार्ग उत्तराखंड में है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिग में बताया गया कि जमीन के मालिकों को 364 करोड़ रुपए क्षतिपूर्ति दे दिया गया है। इसके साथ ही बताया गया कि बाकी 114 करोड़ रुपये 20 सितंबर तक वितरित हो जाएंगे।
इसके अलावा इस कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से बताया गया है कि हाईवे के लिए फारेस्ट क्लीयरेंस मिल गया है। इसके अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग की सहमति नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को दे दी गयी है। एस.रामास्वामी ने बताया कि 5 ट्रांसमिशन लाइन को ऊपर करने के काम की तैयारी हो चुकी है। इसके साथ ही 5 विद्युत वितरण लाइन, 2 जल आपूर्ति लाइन की शिफ्टिंग की तैयारी भी हो गयी है। मोदी को बताया गया है कि जब भी एनएचएआइ निर्माण शुरू करना चाहेगा, राज्य सरकार द्वारा फिजिकल पजेशन दे दिया जाएगा। पीएम मोदी ने ये भी जानना चाहा कि स्मार्ट सिटी को लेकर क्या व्यवस्था की गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री को बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए SPV भी तैयार हो गई है।
इसके साथ ही सीईओ की तैनाती हो गयी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी के लिए शासनादेश जारी हो गया है। इसके साथ ही इम्पैक्ट प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कुल मिलाकर कहें तो पीएम मोदी लगातार उत्तराखंड के कार्यों की समीक्षा ले रहे हैं। इससे पहले हमने आपको बताया कि साल 2019 के चुनावों का आगाज पीएम मोदी केदारनाथ से कर सकते हैं। रुद्रप्रयाग जिले के डीएम मंगलेश घिल्डियाल और एनआईएम के प्रिंसिपल कर्नल अजय कोठियाल को खास जिम्मेदारी दी गई है। ये वो दो चेहरे हैं, जिन्हें पीएम मोदी द्वारा केदारनाथ की सूरत संवारने की जिम्मेदारी दी गई है। सूत्रों का कहना है कि बीते 11 अगस्त को दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह के घर पर एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में ही तय किया गया है कि केदरनाथ से ही 2019 के चुनावों का आगाज होगा।