उत्तराखंड के लिए बड़ी खबर, टिहरी बांध का जलस्तर 815 मीटर, 40 गांवों का संपर्क कटा !
Aug 31 2017 7:24PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। लगातार हो रही बारिश की वजह से टिहरी बांध का जलस्तर 815 मीटर के लेवल पर पहुंच गया है। इस वजह से दिचली और गमरी पट्टी के 40 गांवों को जोड़ने वाला देवीसौड पुल पानी में डूब गया है। पुल के डूबने से गांव वालों को विकासखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। खास बात ये है कि इस पुल की जगह दूसरे नए पुल का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। आपको बता दें कि साल 2006 में टिहरी बांध की झील बनने की वजह से झील का जल स्तर चिन्यालीसौड़ धरासू पावर हाउस तक रहता है। जलभराव की वजह से गमरी और दिचली पटटी के 40 गांवों के लोग परेशानी में हैं। स्थाई व्यवस्था के लिए मोटर पुल का निर्माण अभी अधूरा पड़ा है।
दो साल से इस पुल का निर्माण चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस पुल के निर्माण में अभी 6 महीने का वक्त और लगेगा। आने जाने के लिए दो मोटरबोट की व्यवस्था की गई है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 40 गांवों के लोगों को कितनी परेशानी हो रही होगी। वैसे देखा जाए तो अगर विकल्प के तौर पर तैयार हो रहे पुल में थोड़ा तेजी आती तो आज ग्रामीणों को इस तरह के हालात देखने को नहीं मिलते। चाहे आप बात पिथौरागढ़ की कर, या फिर कोटद्वार की करें , चाहे आप बात टिहरी की करें, या फिर रुद्रप्रयाग की करे। ये चार ऐसे जिले हैं जो बारिश से सबसे ज्य़ादा प्रभावित रहे हैं। हर जगह बारिश की वजह से तबाही मची है। अब एक बार फिर से मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए बड़ी चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी भी दी थी कि 48 घंटे उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश से तबाही जैसे हालात बन सकते हैं।
इससे पहले सोमवार को बदरीनाथ के पास लामबगड़ में मलबा आने से हाईवे बंद हो गया था।मंगलवार सुबह को सीमा सड़क संगठन के जवानों ने लामबगड़ में मलबा हटाना शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को शुरू किया गया। इस क्षेत्र में बार-बार आ रहा मलबा बीआरओ के लिए चुनौती बन रहा है। ऐसे में मौसम विभाग द्वारा एक बार फिर से दी गई चेतावनी कहती है कि अगले 24 घंटे सावधान रहें। हाल ही में पिथौरागढ़ और कोटद्वार में आई तबाही ने साबित कर दिया है कि एक बार फिर से देवभूमि के लिए मौसम खतरनाक होता जा रहा है। इसलिए आप भी सावधानी बरतें। मौसम के खराब होने पर तुरंत ही प्रशासन को इस बारे में जानकारी दें। इससे राहत और बचाव का काम जल्द से जल्द हो सकेगा। आपकी एक सावधानी कई लोगों की जान बचा सकती है। इस बीच टिहरी झील का बढ़ता जलस्तर भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।