देवभूमि के बाबा तुंगनाथ में ऐतिहासिक काम, त्रिवेंद्र सरकार की यादगार पहल !
Sep 1 2017 12:06PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड में भगवान तुंगनाथ तृतीय केदार के नाम से जाने जाते हैं। भगवान तुंगनाथ के दर से सभी को रोजगार मिले और ये जगह दुनिया में सबसे बड़े आकर्षण का केंद्र बने, इसके लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा काम शुरू कर लिया गया है। बाबा तुंगनाथ समेत चार स्थानों पर रूरल टूरिज्म के अंतर्गत काम शुरू कर लिया गया है। सके लिए उत्तराखंड सरकार से एडीबी को 3.75 करोड़ के करीब बजट स्वीकृत हो चुका है। इसके लिए एक खास प्लानिंग की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस रास्ते में कुछ ऐसे रोचक पड़ाव आपको मिलेंगे, जहां रोजगार के नए तरीके आप देख पाएंगे। ढाई करोड़ की धनराशि तुंगनाथ मंदिर के परिसर और पैदल रास्ते का निर्माण करने और मंदिर में सोलर लाइट लगाने पर खर्च होगी। इसेक साथ ही इस राशि से मार्ग का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।
इसके अलावा बाकी तीन जगहं के लिए भी बजट स्वीकृत हुआ है। ये बजट 1.25 करोड़ रुपये का है। यहां ग्रामीण पर्यटन विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित किे जाएंगे। तुंगनाथ, फलासी, बोरा और कविल्ठा ये चार जगहें ऐसी हैं, जहां आपको अब अलग ही नजारे देखने को मिलेंगे। योजना के तहत इन स्थानों पर एशियन डेवलपमेंट बैंक को निर्माण और व्यवस्थाओं का जिम्मा मिला है। सौंदर्यीकरण कार्य के अलावा यहां पार्किंग, पैदल मार्ग, रेन शेल्टर,धर्मशाला और शौचालयों का निर्माण करना है। साथ ही इन जगहों पर व्यू प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। इस तरह से सैलानी प्राकृतिक नजारों को कैमरे में कैद कर सकेंगे। इसके अलावा यहां की उत्तराखंड की संस्कृति के प्रचार-प्रसार और पारंपरिक काष्ठ शिल्प को बढ़ावा देने के लिए भी काम किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही एक और अच्छी खबर है। फिलहाल तो इन चार जगहों का विकास होगा। लेकिन इसेक बाद दुर्गाधार, चोपता, चौमासी, घिमातोली और कालीमठ का विकास होगा। ये विकास दूसरे चरण की योजना में होगा। एडीबी का कहना है कि रूरल टूरिज्म योजना के तहत ग्रामीण पर्यटन विकसित होगा। इसके अलावा स्थानीय नौजवानों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। ग्रामीणों के लिए पर्यटन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य ये है कि लोग पारंपरिक व्यजनों के साथ देवभूमि की संस्कृति से भी पर्यटकों को परिचित करा सकें। पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इस तरह से इन स्थलों के प्रति देश-दुनिया के सैलानियों का आकर्षण बढ़ेगा। कुल मिलाकर कहें तो सरकार की तरफ से ये एक बेहतरीन पहल है।