उत्तराखंड पर चीन की नापाक नजर, इंडियन एयरफोर्स देगी डोकलाम जैसा जवाब
Sep 1 2017 5:15PM, Writer:कपिल
डोकलाम में क्या हुआ, ये तो आपको अच्छी तरह से पता है। लेकिन रक्षा विशेषज्ञ कहते हैं कि चीन चुप नहीं बैठेगा। ये चीन की आदत में शुमार है कि वो पलटकर वार करता है। भारत के कई हिस्से ऐसे हैं, जिन पर चीन की नजर पड़ चुकी है। इनमें से उत्तराखंड भी अछूता नहीं रहा है। भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां जानती हैं कि चीन किस दर्जे का मुल्क है। इसलिए अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। बताया जा रहा है कि इंडियन एयरफोर्स उत्तराखंड के एयरफील्ड्स को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। आपको याद होगा कि इससे पहले चमोली के बाराहोती इलाके में चीन के हेलीकॉप्टर मंडराते हुए नजर आए थे। इस वजह से देश की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई थी। लेकिन अब ड्रैगन को हवा में भी मात देने की तैयारी हो रही है। इसके लिए बकायदा भारतीय वायुसेना तैयार है।
डोकलाम में जिस तरह से भारतीय सेना ने चीन से बेहतर पोजीशन पर बैठकर बंदूकों को मुंह खोला था। कुछ ऐसी ही तैयारी अब उत्तराखंड में हो सकती है। भारतीय वायुसेना उत्तराखंड के एयरफील्ड को मजबूत करने में काम कर रही है। इससे ना सिर्फ उत्तराखंड के सीमांत इलाकों को फायदा होगा, बल्कि वायुसेना के लिए सामरिक दृष्टि से भी ये काफी फायदेमंद होगा। खास तौर पर भारतीय वायुसेना का ये कदम राहत और बचाव कार्यों के लिए भी मददगार साबित होगा। खबर है कि एयर मार्शल एएस बुटोला उत्तराखंड के मुख्य सचिव एस रामास्वामी से मुलाकात कर चुके हैं। इस मुलाकात में उत्तराखंड के एयर फील्ड और एयर स्ट्रिप को लेकर चर्चा की गई। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि इस मुलाकात में सीमांत जिलों में हवाई सेवा पर चर्चा की गई। यहां आपको ये भी बता दें कि आपदा के दौरान भी एयरफोर्स के जांबाजों ने अपनी भूमिका अदा की थी।
सूत्रों की मानें तो चीन से बढ़ती तल्खी भी इसकी वजह है। दरअसल भारतीय वायुसेना उत्तराखंड के सीमांत जिलों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उत्तराखंड पर लगातार चीन अपनी निगाहें बनाए हुए है। इससे पहले चीन के ही सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में कहा गया था कि भारत के लद्दाख और बाराहोती सेक्टर पर चीन का निशाना है। कभी भी ड्रैगन यहां अपनी धमक बढ़ा सकता है। इस वजह से इंडियन एयरफोर्स ये बड़ा काम कर रही है। अब एयरफोर्स उत्तराखंड के एयर फील्ड और एयर स्ट्रिप को मजबूत करने पर जोर दे रही है। डोकलाम में तो चीन इसलिए पीछे हट गया था क्योंकि भारतीय थल सेना चीन की सेना से बेहतर पोजीशन में थी। लेकिन चीन की वायुसेना को भी टक्कर देने की काफी जरूरत है। इसके लिए उत्तराखंड में काम शुरू कर दिया गया है।