पहाड़ी शेर से चीन ने पूछा ‘डोकलाम आपका है?’, तो मिला ऐतिहासिक जवाब !
Sep 6 2017 5:27PM, Writer:कपिल
देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बारे में तो आप अच्छी तरह से जानते हैं कि वो किस तरह से दुश्मन को जवाब देते हैं। डोभाल को एक बेहतरीन वक्त और जबरदस्त रणनीतिकार कहा जाता है। हालांकि भारत और चीन के बीच डोकलाम का विवाद सुलझ गया है। सूत्रों के हवाले से खबर से इस विवाद को खत्म करने में सबसे बड़ा हाथ डोभाल का ही था। इस बीच एक खबर और निकलकर सामने आ रही है। ये वो पल था जब डोभाल और चीन के स्टेट काउंसलर एक दूसरे के आमने सामने थे। डोकलाम को लेकर सेना, सरकार और मीडिया से जुड़ी तमाम बातें तो लोगों के सामने आ गई, लेकिन एक और किस्सा है जो लाइमलाइट में नहीं आया। ये ही वो किस्सा था जिस वजह से डोकलाम समझौते में अहम योगदान मिला। आपको याद होगा कि जुलाई महीने के आखिर में डोभाल चीन के दौरे पर थे।
वो वहां ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मीटिंग में शामिल होने गए थे। इस बीच टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार में एक खबर छपी है, जिसमें बताया गया है कि इस मुलाकात के दौरान डोभाल और चीन के अधिकारी के बीच जबरदस्त नोंकझोंक हुई थी। लेकिन डोभाल तो डोभाल ही ठहरे। उन्होंने आक्रामक रवैया अपना लिया था और जबरदस्त तरीके से भारत का पक्ष रखा था। बताया जा रहा है कि इस वजह से ही डोकलाम विवाद का हल निकल पाया था। अब आपको बताते हैं कि आखिर चीन के अधिकारी और डोभाल के बीच क्या बातचीत हुई थी। 27 जुलाई को डोभाल ने चीन के स्टेट काउंसलर यांग जीची से मुलाकात थी। ये ही वो मौका था जब इस चीनी अधिकारी ने डोभाल से बेतुका सवाल पूछा। यांग जीची ने डोभाल से पूछआ था कि 'क्या डोकलाम आपका इलाका है?' इसके बाद डोभाल ने ऐसा जवाब दिया कि चीनी अधिकारी की बोलती बंद हो गई थी।
सूत्रों के मुताबिक डोभाल ने चीनी अधिकारी को जवाब दिया कि 'क्या हर विवादित क्षेत्र अपने आप चीन का हिस्सा हो जाता है?' बस इसके बाद चीन खामोश हो गया था। डोकलाम के विवाद को सुलझाने में डोभाल की ही सबसे अहम भूमिका थी। डोभाल के भारत वापस आने के बाद पीएम मोदी का चीन का कार्यक्रम तय हुआ था। पीएम मोदी पहले ही अपने सबसे भरोसेमेंद सिपाही से ये कंफर्म कर देने चाहते थे कि आखिर चीन इस मामले में झुका है या नहीं। मोदी के दौरे से ठीक पहले ही चीन ने अपनी सेना को डोकलाम से वापस बुला लिया था। डोकलाम को लेकर जारी तनाव के बीच अजीत डोभाल ने अपने चीनी समकक्ष यांग जिची से एक मुलाकात की। इसके साथ ही डोभाल ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की है। इस मुलाकात से पहले ही डोभाल ने ये संदेश दे दिया कि इस वक्त सभी ब्रिक्स देशों को आतंकवाद के खिलाफ लड़ना है। ड़ोभाल का पहला निशाना पाकिस्तान पर था।