अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उम्रकैद, जानिए कैसे रची थी मुंबई ब्लास्ट की प्लानिंग
Sep 7 2017 2:48PM, Writer:सुरेश
1993 का मुंबई ब्लास्ट केस। इस मामले में टाडा की विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उम्रकैद की सजा का ऐलान किया है। जैसे ही कोर्ट में इस सजा का ऐलान किया गया तो अबू रो पड़ा। इसके साथ ही अबू के बाकी साथी मोहम्मद ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद खान को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। इस केस में करीमुल्लाह खान को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके अलावा करीमुल्लाह पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 12 मार्च 1993 का दिन मुबंई के इतिहास में सबसे काले अक्षरों में लिखा जाता है। ये वो दिन था जब मुंबई एक के बाद एक सीरियल ब्लास्ट से दहल गई थी। इन सीरियल बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे। इसके अलावा इन धमाकों में 700 से ज्यादा घायल हुए थे। ये ऐसे ब्लास्ट जिनमें साल 1993 में करीब 27 करोड़ रुपये की संपत्ति तबाह हो गई थी।
16 जून 2017 को कोर्ट ने अबू, मुस्तफा दौसा, करीमुल्लाह, फिरोज अब्दुल, रियाज और ताहिर मर्चेंट को धमाकों का प्लान बनाने के लिए दोषी करार दिया था। एक और आरोपी अब्दुल कयूम को इस केस से बरी कर दिया गया था। इनमें मुस्तफा दौसा की मौत हो चुकी है। ये ब्लास्ट दुनिया का पहला ऐसा टेरर अटैक था, जिसमें दूसरे विश्वयुद्ध के बाद इतनी बड़ी तादाद में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। इस केस की सुनवाई इस साल मार्च में खत्म हुई थी। इस मामले में 33 आरोपी अब तक फरार चल रहे हैं। मामले का मुख्य साजिशकर्ता दाऊद इब्राहिम था, जो कि पाकिस्तान में छुपा है। इसके अलावा दाऊद का भाई अनीस इब्राहिम, मोहम्मद दौसा और टाइगर मेमन इस केस में शामिल थे। इससे पहले साल 2007 में मामले की पहली सुनवाई पूरी हुई थी। इस केस में 100 आरोपियों को दोषी माना गया था।
इनमें याकूब मेमन और संजय दत्त भी शामिल थे। याकूब मेमन को पिछले साल फांसी पर लटकाया गया था। साल 2005 में अबू को प्रत्यर्पण के जरिए भारत की सरजमीं पर लाया गया था। अबू पर आरोप था कि वो गुजरात से मुंबई के समंदर के इलाके में गोलाबारूद की स्मगलिंग करता था। उसने इसी जखीरे में से बॉलिवुड ऐक्टर संजय दत्त को भी हथियार दिए थे। अबू ने संजय दत्त को एके-56 राइफल दी थ। इसके अलावा उसने 250 गोलियां और ग्रेनेड संजय दत्त के घर पर रखवाए थे। 2002 को अबू सलेम को पुर्तगाल में अरेस्ट किया गया था। जनवरी, 2005 में पुर्तगाल के सुप्रीम कोर्ट ने अबू के प्रत्यर्पण पर मुहर लगाई थी और नवंबर 2013 में अबू को भारत लाया गया था। आखिरकार इस मामले में टाडा कोर्ट ने बड़ा ऐलान कर दिया है। अबू को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।