image: Martyr colonel santosh mahadik wife swati become army officer

शहीद की पत्नी बनीं आर्मी ऑफिसर, कहा ‘अब बनूंगी आतंकियों की काल’ !

Sep 9 2017 4:04PM, Writer:कपिल

एक शहीद आर्मी ऑफिसर की पत्नी ने हुंकार भर दी है। देश की सेना में शामिल होकर स्वाति महाडिक ने देशवासियों के सामने एक नई मिसाल पेश की है। आज पूरा देश स्वाति को इस कामयाबी पर बधाई दे रहा है। स्वाति के पति कर्नल संतोष महाडिक जम्मू-कश्मीर के उड़ी में आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। मन में आतंकियों को नेस्तनाबूत करने का ख्वाब पाले स्वाति ने देश की सेना को ज्वॉइन किया है। शनिवार को वो लेफेटिनेंट बन गई। चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में पासिंग आउट परेड के साथ ही स्वाति के कंधे पर स्टार लग गए हैं। स्वाति का कहना है कि देश की सेना की वर्दी से उन्हें बेहद प्यार है। उन्होंने कहा कि देश की सेना में शामिल होने उनका सबसे बड़ा सपना था। इस वजह से स्वाति ने देश की सेना को अपना लक्ष्य बना लिया था। स्वाति ने इसके बाद मीडिया से बातचीत की है।

स्वाति का कहना है कि अब वो अपने पति की तरफ आतंकियों से लड़ेंगी और दो दो हाथ करेंगी।कर्नल संतोष महाडिक की शहादत के बाद ही स्वाति ने भारतीय सेना में शआमिल होने की बात कही थी। 11 महीने पहले स्वाति सर्विस सिलेक्शन कमीशन की फाइनल लिस्ट में शामिल हो गई। इसके बाद ट्रेनिंग के लिए स्वाति चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चली गईं। यहां आपको बता दें कि पति के अंतिम संस्कार के वक्त ही स्वाति ने कह दिया था कि वो देश की सेना में शामिल होकर अपने पति की जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहती हैं। खास बात ये है कि स्वाति ने सेना से नौकरी नहीं मांगी। खुद इसके लिए पढ़ाई की और एसएसबी एग्जाम पास किया। हालांकि स्वाति 32 साल की हैं और उम्र इस रास्ते में रुकावट बन रही थी। आखिरकार स्वाति की इच्छा पूर्व आर्मी चीफ जनरल दलबीर सिंह ने पूरी की।

स्वाति को उम्र में छूट देने की सिफारिश की गई। तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने ये बात मान ली थी। अपने पति की तरह ही स्वाति अब आतंकवाद को जड़ से खत्म कर देना चाहती हैं। उनका कहना है कि वो हर हाल में अपने पति की शहादत का बदला लेंगी। स्वाति के पति कर्नल संतोष महाडिक ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। स्वाति कहती हैं कि वो उस वक्त गहरे सदमे में थी। लेकिन परेशान होकर सारे काम काज छोड़ना एक वीर महिला की निशानी नहीं होता। स्वाति इस सदमे से बाहर निकली और खुद को पहले से ज्यादा मजबूत किया। स्वाति का कहना है कि उनके बच्चे अभी छोटे हैं, लेकिन वो चाहती हैं कि उनके बच्चे भी देश की सेना में आएं। स्वाति कहती हैं कि जब वो सेना की वर्दी पहनती हैं तो इस वर्दी में उन्हें अपने शहीद पति दिखते हैं।स्वाति को सोशल मीडिया पर देशभर से बधाई मिल रही हैं, आप भी बधाई दीजिए।


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