उत्तराखंड: बिल्ली के बच्चों को लेकर परिवार में मचा कलह, 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में चाचा, चाची और उनके बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है..
Oct 25 2025 7:09PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
यहां एक संयुक्त परिवार में बिल्ली के बच्चों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में रश्मि धीमान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। रश्मि द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने उसके चाचा, चाची और उनके बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
Family feud over kittens in Dehradun
देहरादून जिले के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के धर्मपुर निवासी शिकायतकर्ता रश्मि धीमान ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि एक बिल्ली ने उनके घर में दो बच्चों को जन्म दिया था और बिल्ली बाद में वहां से चली गई। इसके बाद से उन बिल्ली के बच्चों की देखभाल रश्मि करती थीं। वह उन्हें भोजन देती थी और सुरक्षा दे रही थीं। रश्मि के चाचा उमेश धीमान और चाची का मानना था कि घर में बिल्ली होना अपशकुन है। दोनों परिवारों का आंगन साझा है, इस लिए वे अक्सर इन बिल्ली के बच्चों को लेकर आपत्ति जताते थे। तनाव बढ़ता गया और बात झगड़े में तब्दील हो गई।
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा
रश्मि का आरोप है कि उनके चाचा ने बिल्ली के बच्चों को पकड़कर स्कूटी की डिग्गी में बंद कर दिया और उन्हें कहीं दूर जाकर छोड़ आए। यह कार्य अमानवीय तरीके से किया गया, जिससे पशुओं को नुकसान हो सकता था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनकी चाची और तीन बेटों ने घर में घुसकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इससे परिवार में माहौल तनावपूर्ण हो गया और डर का वातावरण बन गया। रश्मि धीमान ने फव्वारा चौक चौकी प्रभारी को लिखित तहरीर देकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में चाचा, चाची और उनके बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पालतू पशुओं को सुरक्षा
थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रश्मि ने पुलिस से अनुरोध किया है कि उन्हें और उनके पालतू पशुओं को सुरक्षा प्रदान की जाए, क्योंकि उन्हें परिवार के सदस्यों से जान का खतरा महसूस हो रहा है।