देवभूमि के ‘सिंघम’ जिलाधिकारी की ऐतिहासिक पहल, पहाड़ों में ऐसे बढ़ेगा रोजगार !
Sep 11 2017 9:33PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के डीएम मंगलेश घिल्डियाल लगातार एक ऐतिहासिक इबारत लिखते जा रहे हैं। अब उन्होंने एक बड़ी पहल पर विचार किया है। अगर ये सब कुछ प्लान के तहत रहा तो पहाड़ों में रोजगार की गंगा बहेगी। इतना जरूर है कि हर कोई इस जिलाधिकारी के एक्शन का मुरीद हो गया है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो ग्यारवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ में स्थानीय उत्पादों से तैयार प्रसाद श्रद्धालुओं को दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर दी गई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इसे व्यवहार में उतारा जायेगा। स्थानीय उत्पादों से प्रसाद बनाने का जिम्मा केदारघाटी की महिला स्वयं सहायता समूहों को दिया गया है। प्रसाद में केदारनाथ की प्रतिमा, चौलाई के लड्डू, शहद और गंगा जल शामिल होगा।
खास बात ये है कि ये प्रसाद रिंगाल की टोकरियां में दिया जायेगा। अगर ये योजना कारगर साबित होती है तो इससे आपदा से प्रभावित महिलाओं को आजीविका का एक बेहतर जरिया मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों के विपरण की समस्या भी खत्म होगी। खास बात ये है कि खेती को छोड़ रहे लोग वापस खेती करने के लिए प्रेरित होंगे।अपनी जिंदगी में आपने कई अधिकारियों और उनके परिवारों को शानो-शौकत से जीते देखा होगा। आप में से कुछ लोग ऐसे अधिकारियों की ज्यादती के शिकार भी हुए होंगे। लेकिन पहाड़ के इस डीएम ने एक शानदार पहल की है। अपने कामों से वो लगातार लोगों का दिल जीतते जा रहे हैं। रुद्रप्रयाग जिले में धीरे धीरे इनका नाम ‘सिंघम’ पड़ रहा है।रुद्रप्रयाग के लोगों का कहना है कि इनके आने के बाद रुद्रप्रयाग में बहुत कुछ सुधार हो रहा है।
जिस प्रकार वर्तमान समय मे जिले में कार्य हो रहे हैं, उससे जल्द ही जिले की दशा बदल जाएगी। इसके साथ ही मंगलेश से अब जिले की जनता की और अधिक उम्मीदें जुड़ गई हैं। ज़िलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल का बच्चों से ख़ासा लगाव है। जब भी वह किसी गांव में निरीक्षण या चौपाल के लिए जाते हैं तो वहाँ बच्चों से ज़रूर मिलते हैं।जिलाधिकारी का कहना है कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो में विभिन्न प्रकार की स्वरोजगार योजनाएं संचालित की जा रही है। जनता को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उनका कहना है कि ग्रामीण महिलाओं को महिला समूह बनाकर बंजर भूमि पर सब्जी का उत्पादन, मसाले की खेती, जडी-बूटी आदि की खेती करनी चाहिए, जिससे रोजगार के साधन खुद ही उपलब्ध होंगे। फिलहाल रुद्रप्रयाग जिले के लोग इस डीएम के कामों से खुश नजर आ रहे हैं। आने वाले वक्त में कैसा बदलाव होगा, ये तो आगे पता चलेगा।