Video: मुंबई वाली पहाड़न...बन रही है उत्तराखंड की शान, देखिए ये वीडियो
Sep 12 2017 9:27AM, Writer:कपिल
किसे फर्क पड़ता है कि उत्तराखंड में क्या हो रहा है या क्या नहीं ? आज पहाड़ों को लोग लगातार छोड़ रहे हैं। एक आंकड़ा कहता है कि जिन लोगों ने पहाड़ों को छोड़ा , उनमें से 70 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पहाड़ों की तरफ कभी मुड़कर नहीं देखा। जो बचे 30 फीसदी हैं, उनमें से 20 फीसदी ही लोग ऐसे हैं जो सच में पहाड़ों के लिए कछ करना चाहते हैं और इन 20 फीसदी में से सिर्फ 5 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो सच में पहाड़ों के लिए कुछ कर रहे हैं। आंकड़े जितने हैरान करते हैं, उतना ही हैरान ये मुंबई की लड़की करती है। ना तो इसका जन्म पहाड़ों में हुआ और ना ही ये पहाड़ों में पली बढ़ी है। इसके बाद भी कछ खूबियां ऐसी हैं, जो इसे खांटी पहाड़न बनाती हैं। एक बार फिर से वो आपके लिए एक शानदार तोहफा लेकर आई है। पहाड़ी घचेक का सातवां पार्ट सभी के सामने है ।
त्विशा भट्ट की हम बात इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि आज के दौर में किसे चिंता है पहाड़ की ? वो जो अपने हमें छोड़कर चले गए हैं, वो वापस नहीं आते। लेकिन एक लड़की, जो ना तो पहाड़ में पैदा हई और पहाड़ से जिसे कोई वास्ता नहीं, वो वापस आई है और पहाड़ों की फिल्म इंडस्ट्री में नई जान फूंक रही है। त्विशा भट्ट वो लड़की है, जिसने पहाड़ों के लिए पहली वेब सीरीज लॉन्च की है। इस वेब सीरीज का सातवां पार्ट सामने आ गया है। त्विशा से लोग कितना प्यार करते हैं इसकी बानगी इसे पहले वाले वीडियो पेश कर रहे हैं। लेकिन क्या आपने पहाड़ी घटेक पार्ट-7 देखा ? अगर नहीं देखा तो देख लीजिए। मजेदार है, शानदार है, दिलचस्प है और कुछ खास है। वो ही पहाड़ के दादा-दादी के बीच की झड़प, दादा की जवानी और दादी का बुढ़ापा। इन सब के बीच फंसे हैं पोता और पोती ।
मंगल दा एक बार फिर से स्टायलिश दादा के रूप में जम रहे हैं। करन लोहानी हर बार अपनी कला को सुधार रहे हैं और नया माइल स्टोन बना रहे हैं। त्विशा की अदाकारी का जवाब नहीं, पोती के कैरेक्टर में वो एकदम फिट हैं, रोहित ने एक बार फिर से अपने अभिनय से खुद को साबित करने की कोशिश की है। श्वेता लोहानी की स्क्रिप्टिंग लगातार मजबूत होती जा रही है और तवीश पंत का कैमरे के पीछे हनर लाजवाब है। हर कोई अपनी जिम्मेदारी को बेहतरीन तरीके से निभा रहा है। अब आपको बाते हैं कि पहाड़ी घचेक क्यों देखेें और क्यों ना देखें। इसलिए देखें क्योंकि पहली बार उत्तराखंड के लिए कुछ नया और खास है। पहाड़ की यादों में खो जाएंगे आप। क्यों ना देखें, इसका फिलहाल हमारे पास कोई जवाब नहीं है। इसलिए सिर्फ देखें, मिस ना करें।