image: People of uttarakhand are the happiest people on earth says report

उत्तराखंड के लोग हैं दुनिया के सबसे मस्तमौला इंसान, पहाड़ियों पर हई है एक बड़ी रिसर्च !

Sep 17 2017 3:10PM, Writer:रेखा

क्या आप जानते हैं कि पहाड़ी लोग सबसे ज्यादा खुश और मस्तमौला इंसान हैं। अमेरिका के मेसाच्यूसेट्स में एक रिसर्च की गई है। इसमें इस बात पर शोध हुआ है कि आखिर दुनिया के सबसे खुश रहने वाले लोगों में किस प्रांत के लोग सबसे आगे हैं। इस रिसर्च में कुछ हैरान कर देने वाले रिजल्ट आए हैं। न्यूजीलैंड, डेनमार्क, स्विटजरलैंड और उत्तराखंड के लोगों को बेहद मस्तमौला कहा गया है। उत्तराखंड के लोगों को हमेशा से ही मस्तमौला कहा जाता है। कहते हैं कि कैसा भी वक्त हो, पहाड़ी खुश रहना जानता है। हाल ही में एक रिसर्च भी हुई है,. जिसमें कहा गया है कि धरती पर अगर कोई सबसे ज्यादा खुश, स्वस्थ और एक्टिव व्यक्ति होता है, वो पहाड़ में रहने वाला व्यक्ति होता है। जी हां अमेरिका में ये रिसर्च की गई है। दरअसल पहाड़ की जिंदगी ऐसी है कि चाहे कितनी भी परेशानी क्यों ना हो, पहाड़ी मुस्कुराना जानते हैं। ये ही वो मुस्कुराहट है, जो पहाड़ियों को दुनिया में सबसे ज्यादा अलग बनाती है।

दरअसल पहाड़ियों को ऐसे ही मस्तमौला और सबसे ज्यादा स्वस्थ नहीं कहा जाता। एक रिसर्च में ये पाया गया है कि पहाड़ियों के शरीर में शुद्ध हवा का प्रसार लगातार होता जाता है। शुद्ध हवा के शरीर में जाने से मेटाबोलिज्म बढ़ता जाता है। इसके अलावा पहाड़ों से निकलने वाला शुद पानी भी पहाड़ियों के शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाता है। वैज्ञानिकों का तो यहां तक कहना है कि शुद्ध हवा और शुद्ध पानी की वजह से पहाड़ में रहने वाले लोगों की उम्र खुद-ब-खुद ही बढ़ जाती है। इसके साथ ही रिसर्च में पाया गया है कि पहाड़ियों की खुश रहने की क्षमता काफी ज्यादा होती है। ये वो खास वजह है, जिससे उन्हें खुशी के मामले में सबसे ऊपर रखा जाता है। इसके अलावा भी इस रिसर्च में बहुत कुछ गया है। जिसके बारे में जानकर आपका पहाड़ी दिल धड़क उठेगा।

इसके अलावा रिसर्च में कहा गया है कि पहाड़ियों का खाना सबसे खास होता है। खासकर उत्तराखंड के खेतों में उगने वाले कोदा और कौंणीं को तो सबसे ज्यादा पौष्टिक आहार कहा गया है। कोदा और कौणीं के बारे में कहा गया है कि पुराने जमाने में उत्तराखंड के लोग इसी पर गुजर बसर करते थे। इसके अलावा गहत की दाल, दाल का पिसा हुआ चौंसू, भटवाणी कोदे की रोटी कंडाली का साग ये तमाम ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो कभी पहाड़ियों की ताकत का राज होते थे। आज ये सब चीजेंं कहीं छूटती जा रही हैं। हर उत्तराखंडी को सोचना चाहिए कि मौज मस्ती के साथ साथ पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। कुल मिलाकर फिलहाल तो ये ही कहा गया है कि उत्तराखंड के लोग किसी भी मस्ती के मौके को छोड़ते नहीं हैं और इसलिए सबसे ज्यादा खुश भी रहते हैं।


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