फिर एक्शन में देवभूमि का ‘सिंघम’, पहाड़ के बच्चों को मिला ऐतिहासिक तोहफा !
Sep 21 2017 11:26AM, Writer:कपिल
उत्तराखंड की तस्वीर सुधारने के कुछ जिलाधिकारी लगातार काम कर रहे हैं। इन जिलाधिकारियों में सबसे पहला नाम आता है, मंगलेश घिल्डियाल का। इस डीएम ने रुद्रप्रयाग जिले की कमान संभाली हुई है। इस आईएएस अफसर ने अब बच्चों के लिए एक शानदार पहल शुरू कर दी है। ये एक ऐसी पहल है कि हर माता-पिता का चेहरा खिल जाएगा। आज तक आप अपने बच्चों को आगे की पढ़ाई या फिर सिविल सर्विसेज की तैयारी करवाने के लिए देहरादून, दिल्ली या फिर किसी और शहर में भेजते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। क्योंकि पहाड़ों में ही शिक्षित और कुशल शिक्षकों में नेतृत्व में आपका बच्चा आईएएस और आईपीएस की तैयारी करेगा। आईएएस, आईपीएस, पीसीएस और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए छात्र-छात्राओं को अब, कोचिंग के लिए शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
जिलाधिकारी ने एक शानदार, अद्भुत और अनोखी पहल शुरू कर दी है। मंगलेश इंटर स्तर के छात्र-छात्राओं को करियर को लेकर जागरूक कर रहे हैं। इसी दिशा में उन्होंने अब, नि:शुल्क कोचिंग देना शुरू कर दिया है। बीते एक हफ्ते से जीआईसी रुद्रप्रयाग को कोचिंग सेंटर बनाया गया है, यहां सोमवार से शनिवार तक सुबह 8 से 10 बजे तक 50 बच्चों को सीपीएमटी, यूपीएमटी, पीसीएस, आईपीएस, आईएएस, यूपीएससी समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग दी जा रही है। इस काम को लेकर छात्रों के बीच एक अलग ही माहौल बना हुआ। डीएम मंगलेश के इस काम को देखकर हर कोई हैरान है। आज तक पहाड़ों को ऐसा जिलाधिकारी नहीं मिला, जिसने खुद ही इस तरह की मुहिम शुरू कर दी हो। जिलाधिकारी का ये काम कई लोगों के लिए मिसाल बन गया है।
रुद्रप्रयाग जिले के डीएम मंगलेश घिल्डियाल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस बार बच्चों की पढ़ाई के लिए इस कदम की हर जगह तारीफ हो रही है। इसके लिए बकायदा एक टीम तैयार की गई है। उनकी टीम भी उनका पूरा सहयोग कर रही है। क्षेत्र से लेकर दूर-दराज के स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है और स्कूली बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। आपको जानकर खुशी होगी कि 90 अधिकारियों द्वारा अन्य स्कूलों को गोद लिया गया है। आपको याद होगा कि इससे पहले खुद मंगलेश घिल्डियाल की पत्नी ने भी बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐतिहासिक काम कर चुकी हैं। वो बिना किसी शुल्क के बच्चों को पढ़ा रही हैं। कुल मिलाकर कहें तो एक शानदार पहल फिर से पहाड़ों में शुरू की गई है। राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से ऐसे जिलाधिकारी को सलाम।