हिंदुस्तान का गद्दार, जो रहता भारत में है, नौकरी हाफिज सईद की करता है !
Sep 23 2017 6:21PM, Writer:कपिल
कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर शाह के बारे में जानते हैं आप ? नहीं जानते हैं तो आज जरूर जान लीजिए। ये वो शख्स है जो भारत में दंगे, कमीर में पत्थबाजी करने के लिए पाकिस्तान से पैसे लेता है। आतंक का आका हाफिज सईद इसका रहनुमा बना है। ये सारे बातें हम आपको इसलिए बता रहे हैं, क्यों प्रवर्तन निदेशालय ने इसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है और चार्जशीट में ये सारी बातें बताई हैं। चार्जशीट में बताया गया है कि शब्बीर के पाकिस्तान के आतंकी हाफिज के साथ कनेक्शन हैं। ईडी का कहना है कि शाह ने खुद माना है कि वो कश्मीर मामलों को लेकर हाफिज से फोन पर बात करता रहता है। इस चार्जशीट में कहा गया है कि शब्बीर पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से पैसा लेता है और जम्मू-कश्मीर समेत भारत के दूसरे हिस्सों में आतंकी हरकतों को बढ़ावा देता रहता है।
यहां तक की शब्बीर की पत्नी भी ऐसे कामों में लिप्त है। प्रवर्तन निदेशालय ने 2005 के मनी लॉन्ड्रिंग केस में टेरर फंडिंग को लेकर शब्बीर शाह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी का नाम भी शामिल है। असलम वानी फिलहाल शाह के साथ ही ज्यूडिशयल कस्टडी में है। ईडी ने चार्जशीट में शब्बीर और आतंकियों के साथ उसके कनेक्शन को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। ये चार्जशीट कहती है कि शब्बीर ने आखिरी बार जनवरी 2017 में आतंकी हाफिज से फोन पर बात की थी। ईडी ने शब्बर शाह को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 6 अगस्त को मोहम्मद असलम वानी को गिरफ्तार किया गया था। असलम वानी ने दावा किया कि उसने शब्बीर को पाकिस्तान के हवाला ऑपरेटर के जरिये 2.25 करोड़ रुपये दिए थे। इस चार्जशीट में कहा गया है कि पाकिस्तान में बैेठे कई आतंकी संगठन शब्बीर को पैसे ट्रांसफर करते थे।
शब्बीर का काम भारत के कई इलाकों में आतंकी वारदात करवाना, दंगे भड़काना और कश्मीर में पत्थरबाजों को खरीदना था। वो इस पैसे के इस्तेमाल भारत में टेरर फंडिंग के लिए करता रहा है। प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि शब्बीर शाह ने खुद माना है कि उसके पास पैसे कमाने का कोई और जरिया नहीं था। इस वजह से उसने पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से संपर्क किया था। हाफिज सईद के इस राइट हैंड ने अब तक ना जाने कितने दंगे भड़काए हैं। इसकी वजह से ना जाने देश के कितने सैनिकों को अपनी जान कुर्बान पड़ी है। खबर ये भी है कि शब्बीर भारतीय सेना के खिलाफ स्थानीय लोगों को जबरदस्ती भड़काता था और पत्थर बरसवाता था। आप एक अंदाजा लगा सकते हैं कि ऐसा करने के लिए शब्बीर को 8 से 10 लाख रुपये तक दिए जाते थे।