धन्य है देवभूमि की ये बेटी, शहर छोड़कर गांव से शुरू की ऐतिहासिक मुहिम !
Sep 25 2017 1:37PM, Writer:कपिल
एक कहावत आपने सुनी होगी। मंजिलें हैं तो रास्ते हैं, रास्ते हैं तो हौसला है, हौसला है तो विश्वास है और विश्वास है तो जीत निश्चित है। राज्य समीक्षा के लेखों में हम आपके लिए कई ऐसी कहानियां लेकर आते हैं, जो हर किसी के लिए प्रेरणदायक होती हैं। आज एक कहानी उत्तराखंड की इस बेटी के नाम, जो गांव में रहकर रोजगार के नए तरीकों पर ध्यान दे रही है। जी हां हम बात कर रहे हैं प्रियंका नौटियाल की। आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रियंका नौटियाल पूर्व विधायक आशा नौटियाल की बेटी हैं। आप समझ सकते हैं कि प्रियंका के पास सुख सुविधाओं की कोई कमी नहीं हो सकती। प्रियंका देहरादून के ग्राफिक एरा से बायोटेक में बीटेक कर चुकी हैं। इसके अलावा वो देहरादून की एक फार्मा कंपनी में बतौर माइक्रो बायोलॉजिस्ट नौकरी कर रही थी। लेकिन शायद प्रियंका का दिल पहाड़ों के लिए धड़क रहा था।
खैर इस बीच प्रियंका अपने गांव लौटी तो स्वरोजगार के कुछ नए तरीकों पर फोकस करना शुरू कर दिया। उन्हें महसूस हुआ कि गांव में रहकर ही उत्तराखंड की तस्वीर को बदला जा सकता है। इसके लिए प्रियंका ने गांव में रहकर मशरूम का उत्पादन शुरू किया। इस काम के लिए प्रियंका को रंजना रावत का साथ मिला। रंजना वो लड़की है, जो पहले से ही गांवों में रहकर ऑर्गेनिक खेती के लिए बेहतरीन काम कर रही हैं। रंजना रावत के सहयोग से प्रियंका ने 100 बैग के साथ अपनी पहली मशरूम यूनिट शुरू की है। प्रियंका बताती हैं कि अगर गांव के सभी लोग मिलकर मशरूम की खेती शुरू करें तो, तस्वीर बदल सकती है। गांव की महिलाओं को इस रोजगार से जोड़ने के लिए प्रियंका लगातार काम कर रही हैं। प्रियंका के पिता रमेश नौटियाल ने भी बेटी की इस मुहिम में पूरा साथ दिया है।
बेटी की कोशिश की सराहना करते हुए आशा नौटियाल कहती हैं कि आने वाले वक्त में युवाओं के लिए ये रोजगार का एक नया रास्ता साबित हो सकता है। आज उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों के युवा में रोजगार पाने के लिए शहरों की दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन इस बीच कई युवा ऐसे हैं, जो तमाम लोगों के सामने नया विकल्प पेश कर रहे हैं। आप चाहे बात दिव्या रावत की करें, रंजना रावत की करें और अब इस कड़ी में प्रियंका नौटियाल का नाम भी जुड़ गया है। ऐसे युवा लगातार उत्तराखंड के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। उम्मीद है कि प्रियंका नौटियाल की ये कोशिश आगे रंग लाएगी। रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ से प्रियंका इस काम को शुरू कर चुकी हैं। राज्य समीक्षा की टीम की ओर से प्रियंका को शुभकामनाएं। इसी तरह से आगे बढ़ती रहिए और उत्तराखंड का नाम रोशन कीजिए। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।